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सिवनी कलेक्टर नेहा मीना ने वृक्ष कटाई प्रकरण में सात पटवारियों की दो-दो वेतन वृद्धि‍ रोकीं

उल्लेखनीय है कि नईदुनिया समाचार पत्र ने 30 जून के अंक में आम के पेड़ों की अवैध कटाई की जांच में उलझा राजस्व अमला शीर्षक से इस मामले को प्रमुखता से प्र...और पढ़ें

By Sanjay AgrawalEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 06:10:40 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 06:10:40 PM (IST)
सिवनी कलेक्टर नेहा मीना ने वृक्ष कटाई प्रकरण में सात पटवारियों की दो-दो वेतन वृद्धि‍ रोकीं
बरघाट क्षेत्र में अवैध रूप से काटे गए आम के पेड़। फाइल

HighLights

  1. कुछ प्रकरणों में मौके पर काटे गए वृक्षों की लकड़ी अथवा ठूंठ नहीं मिले
  2. तत्कालीन एसडीएम के विरुद्ध संभागायुक्त ने जारी किए जांच के आदेश
  3. कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए

नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। जिले की बरघाट तहसील अंतर्गत अवैध वृक्ष कटाई प्रकरण में अनियमितताएं सामने आने पर प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की कार्रवाई की है।

वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश

प्रकरण में संदेहास्पद एवं अनियमित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने तथा पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर नेहा मीना ने सात पटवारियों की दो-दो वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही सिवनी कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर संभागायुक्त जबलपुर ने तत्कालीन एसडीएम संदीप श्रीवास्तव के विरुद्ध भी विभागीय जांच प्रारंभ की है।

जांच में प्रतिवेदनों और मौके की वास्तविक स्थिति में विसंगतियां

अवैध वृक्ष कटाई से संबंधित प्रकरणों की जांच के दौरान संबंधित पटवारियों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों और मौके की वास्तविक स्थिति में अंतर पाया गया। कुछ मामलों में वृक्षों की कटाई से संबंधित विवरण और मौके पर उपलब्ध स्थिति में भिन्नता सामने आई, जबकि कुछ प्रकरणों में मौके पर काटे गए वृक्षों की लकड़ी अथवा ठूंठ नहीं मिले।


जांच के दौरान प्रतिवेदनों में संपूर्ण तथ्यों का समावेश नहीं किए जाने और आवश्यक अभिलेख संलग्न नहीं होने जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं। प्रकरण में सामने आई इन विसंगतियों के आधार पर संबंधित पटवारियों की भूमिका की जांच की गई। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

परीक्षण करने पर वे समाधानकारक नहीं पाए

प्राप्त जवाबों का परीक्षण करने पर वे समाधानकारक नहीं पाए गए। इसके बाद कलेक्टर नेहा मीना ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए सभी सात पटवारियों की दो-दो वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए।

सात पटवारियों पर हुई कार्रवाई

प्रकरण में पटवारी हल्का सुकला एवं अरी के दिनेश वंसकार, पटवारी हल्का क्रमांक 7 ग्राम बोरीकला के अर्पित बघेल, पटवारी हल्का क्रमांक 45 ग्राम सर्रा के हिमांशु तिवारी, पटवारी हल्का क्रमांक 5 ग्राम खर्रापाठ की स्नेहिल बघेल, पटवारी हल्का क्रमांक 83 ग्राम दुल्हापुर के इन्द्रपाल उइके, पटवारी हल्का क्रमांक 18 ग्राम मलारा के रोहिश मसीह तथा पटवारी हल्का क्रमांक 42 ग्राम कांचना के चैनसिंह नेवारे की दो-दो वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकी गई हैं।

तत्कालीन एसडीएम के विरुद्ध भी विभागीय जांच

इसी प्रकरण में तत्कालीन एसडीएम संदीप श्रीवास्तव की भूमिका भी विभागीय कार्रवाई के दायरे में आई है। कलेक्टर नेहा मीना द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर संभागायुक्त ने उनके विरुद्ध विभागीय जांच प्रारंभ की है। जारी आदेशों में यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में जांच के दौरान अन्य गंभीर त्रुटियां सामने आने अथवा वरिष्ठ कार्यालय से निर्देश प्राप्त होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

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