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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शहीद भीमा नायक परियोजना : बांध में आई दरारें भरीं

जिले के लिए अति महत्त्वपूर्ण शहीद भीमा नायक परियोजना का निर्माण निर्धारित समय से काफी पिछड़ चुका है। जो परियोजना वर्ष 2013 में पूरी हो जाना थी, वह अब भ...और पढ़ें

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Publish Date: Tue, 07 Jun 2016 04:02:07 AM (IST)Updated Date: Tue, 07 Jun 2016 04:02:07 AM (IST)

शहीद भीमा नायक परियोजना : बांध में आई दरारें भरीं

बड़वानी। जिले के लिए अति महत्त्वपूर्ण शहीद भीमा नायक परियोजना का निर्माण निर्धारित समय से काफी पिछड़ चुका है। जो परियोजना वर्ष 2013 में पूरी हो जाना थी, वह अब भी अधूरी है। दो बार निर्माण की समय अवधि बढ़ने के बावजूद कार्य पूरा नहीं हो सका है। अवधि बढ़ने से बांध की लागत करीब 211 करोड़ बढ़ चुकी है। अब एक बार फिर निर्माण की समय सीमा बढ़ने के आसार हैं। उधर मुख्य बांध के समीप सीमेंटीकृत हिस्से में आई दरारों का मामला नईदुनिया में लगातार प्रमुखता से उठने के बाद अब दरारों को सीमेंट से भरा गया है। हालांकि अब भी यह तकनीकी जांच का विषय है कि क्या महज सीमेंट भर देने से इस हिस्से की मजबूती बरकरार रहेगी?

ज्ञात हो कि लोअर गोई परियोजना, जो कि शहीद भीमा नायक परियोजना के नाम से जानी जाती है, का कार्य वर्ष 2009 में शुरू हुआ था। दो बार समय अवधि बढ़ने के बाद भी अभी मुख्य बांध व नहर निर्माण सहित अन्य कार्य बाकी हैं। दूसरी बार बढ़ी समय सीमा की आखिरी तारीख 6 जून 2016 तय की गई थी। एक अनुमान के मुताबिक अभी लगभग 20 से 25 प्रतिशत कार्य होना बाकी है। ऐसे में परियोजना से मिलने वाले लाभ में लगातार देरी हो रही है। परियोजना की शुरुआती लागत 332 करोड़ से बढ़कर 542 करोड़ हो चुकी है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण हम्मड़ ने बताया कि यदि योजना समय पर पूरी हो जाती तो क्षेत्र के किसान तीन फसलें ले सकते थे। परियोजना में देरी से दोहरा नुकसान हो रहा है वहीं निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


कंपनी कर्मी चुप, अधिकारी कर रहे टालमटोल

स्थिति यह है कि परियोजना के कार्य में हो रही देरी पर निर्माण कार्य कर रही कंपनी के कर्मी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। यहां तक कि मीडिया के सामने आने से भी कतरा रहे हैं। वहीं एनवीडीए के ईई रविंद्र गुप्ता से परहेज करते नजर आ रहे हैं। ज्ञात हो कि नवागत कलेक्टर तेजस्वी एस. नायक ने शनिवार शाम को परियोजना स्थल पहुंच निरीक्षण किया है।

फैक्ट फाइल

* परियोजना का नाम : शहीद भीमा नायक परियोजना या लोअर गोई परियोजना

* स्थान : जिला मुख्यालय से 21 किमी दूर ग्राम पांचपुला दक्षिण में

* परियोजना की शुरुआत : 2009 में

* शुरुआती समय सीमा : 48 माह

* शुरुआती लागत : 332 करोड़

* समय सीमा की स्थिति : दो बार बढ़ चुकी, अब तीसरी बार की तैयारी

* वर्तमान लागत : 542 करोड़

* बांध की लंबाई : 2521 मीटर, इसमें 220 मीटर सीमेंटीकृत, 2301 मीटर मिट्टी का

* निर्माण ठेकेदार कंपनी : आईवीआरसीएल हैदराबाद

किया है निरीक्षण

शहीद भीमा नायक परियोजना का प्राथमिक निरीक्षण किया है। सीमेंटीकृत हिस्से में आई दरारों का सीमेंट से भरना बताया गया है। इसकी मजबूती को लेकर तकनीकी विशेषज्ञों से जानकारी ली जाएगी। प्राथमिक तौर पर बांध के गेट का कार्य जुलाई तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। प्रयास किया जाएगा कि परियोजना को जल्द से जल्द पूर्ण करवाया जाए। -तेजस्वी एस. नायक, कलेक्टर बड़वानी