
नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी। शहर में नवरात्रि के बाद प्रस्तावित भंडारे की तैयारियों को लेकर हुई बैठक उस समय सुर्खियों में आ गई, जब खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने जनसंख्या और परिवार के आकार को लेकर अपनी बात रखी। कालिका माता मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में सांसद ने ‘हम दो, हमारे पांच’ का नारा देते हुए हिंदू परिवारों से कम से कम पांच बच्चे पैदा करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने युवाओं से समय पर विवाह करने और परिवार बढ़ाने की बात कही।
सांसद के इस बयान के बाद शनिवार को स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसकी चर्चा रही। बैठक में कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई, पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे।
बैठक का मूल उद्देश्य नवरात्रि के बाद होने वाले भंडारे की तैयारियों पर चर्चा करना था। इसी दौरान सांसद पटेल ने जनसंख्या संतुलन का मुद्दा उठाया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यदि जनसंख्या का संतुलन नहीं रहा तो हिंदू समाज अल्पसंख्यक हो सकता है।
पटेल ने युवाओं से समय पर विवाह करने और परिवार विस्तार पर विचार करने की अपील की। उन्होंने बदलती सामाजिक परिस्थितियों में परिवारों में बच्चों की संख्या कम होने का भी उल्लेख किया। सांसद ने अपने संबोधन में हिंदुओं की जन्मदर 1.9 और अन्य समाज की 2.9 होने का दावा किया। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में ये आंकड़े सांसद के वक्तव्य के रूप में दर्ज हैं।
सांसद ने इन्हीं आंकड़ों के आधार पर जनसंख्या संतुलन को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पहले कम उम्र में विवाह होने के कारण परिवार जल्दी बढ़ते थे, जबकि अब विवाह की उम्र बढ़ने और छोटे परिवार की प्रवृत्ति के कारण बच्चों की संख्या कम हुई है। सांसद पटेल ने युवाओं को लेकर भी अपना संदेश दिया। उन्होंने जिम की बजाय योग और पारंपरिक अखाड़ों में व्यायाम करने की सलाह दी। उनके अनुसार अखाड़ों के माध्यम से युवाओं में शारीरिक क्षमता, अनुशासन और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण विकसित किया जा सकता है।
सांसद ने सामाजिक कुरीतियों और नशे को लेकर भी युवाओं को संदेश दिया। उन्होंने दहेज, डीजे और शराब से दूरी बनाने की अपील की। साथ ही युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली अपनाने को कहा।
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संबोधन के दौरान पटेल ने सनातन परंपरा में देवी-देवताओं के स्वरूप का उल्लेख करते हुए ‘शास्त्र के साथ शस्त्र’ की बात कही। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में व्यक्ति, समाज और देश की सुरक्षा के संदर्भ में आत्मरक्षा के अधिकार का भी उल्लेख किया।
कालिका माता मंदिर में हुई बैठक भले ही भंडारे की तैयारियों को लेकर थी, लेकिन सांसद के संबोधन में जनसंख्या संतुलन, परिवार विस्तार, युवा शक्ति, अखाड़ा संस्कृति, नशामुक्ति, दहेज और आत्मरक्षा जैसे कई मुद्दे सामने आए।