बड़वानी में छात्राओं को आंदोलन के लिए उकसाने के आरोप में 12 लोगों समेत अन्य पर केस दर्ज
जिले के निवाली में कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की 200 से अधिक छात्राओं के पांच किलोमीटर पैदल मार्च और आधी रात तक चक्काजाम के मामले में पुलिस ने कर...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 06:48:18 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 06:48:18 PM (IST)
छात्राओं ने किया था आंदोलन। (एआई इमेज) नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी : जिले के निवाली में कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की 200 से अधिक छात्राओं के पांच किलोमीटर पैदल मार्च और आधी रात तक चक्काजाम के मामले में पुलिस ने करीब एक दर्जन नामजद लोगों समेत कुछ अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस को की गई शिकायत के अनुसार आरोप है कि इन लोगों ने छात्राओं को छात्रावास से बाहर निकलकर प्रदर्शन करने और बाद में सड़क पर चक्काजाम करने के लिए कथित रूप से उकसाया।
निवाली थाना प्रभारी वीर सिंह चौहान ने बताया कि छात्रावास अधीक्षक सविता बारिया की शिकायत पर नामजद आरोपियों में दीपक निगवाल सहित करीब एक दर्जन लोग शामिल हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 83(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
200 से अधिक छात्राएं करीब पांच किलोमीटर पैदल निकल पड़ी थीं
मंगलवार शाम छात्रावास की 200 से अधिक छात्राएं छात्रावास में कथित रूप से मूलभूत सुविधाओं की कमी और अव्यवस्थाओं की शिकायत लेकर कलेक्टर से मिलने के लिए करीब पांच किलोमीटर पैदल निकल पड़ी थीं। छात्राएं अधीक्षक और सहायक वार्डन को हटाने की मांग कर रही थीं।
छात्राओं को छात्रावास में रोकने का प्रयास किया गया था
अधिकारियों के मुताबिक छात्राओं को छात्रावास में रोकने का प्रयास किया गया था और उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। पुलिस का आरोप है कि इसके बावजूद कुछ लोगों के कथित उकसावे के बाद छात्राएं पैदल मार्च पर निकल गईं।
करीब पांच किलोमीटर दूर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने छात्राओं को रोका। कलेक्टर के निर्देश पर सर्व शिक्षा अभियान की जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) सोनालिका अचाले, पानसेमल एसडीएम रमेश सिसोदिया, राजपुर एसडीओपी बीएल अटोडे सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत की।
छात्राओं ने विरोध जारी रखा और सड़क पर चक्काजाम कर दिया
बातचीत के बावजूद छात्राओं ने विरोध जारी रखा और सड़क पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन करीब आधी रात तक चला। इसके बाद डीपीसी सोनालिका अचाले ने छात्रावास अधीक्षक सविता बारिया और सहायक वार्डन साधना साहू को उनके पदों से हटाने की घोषणा की। जांच पूरी होने तक नायब तहसीलदार अर्चना ग्रेवाल को छात्रावास का प्रभार सौंपा गया है।
प्रशासन ने बाद में छह बसों की व्यवस्था कर छात्राओं को वापस छात्रावास पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार छात्राओं की शिकायतों की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बड़वानी और खरगोन जिलों में पिछले कुछ वर्षों से छात्र-छात्राओं के अपनी शिकायतों को लेकर पैदल मार्च और प्रदर्शन के मामले सामने आते रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में छात्र आंदोलन के लिए कथित रूप से उकसाने के आरोप में लोगों के खिलाफ दर्ज होने वाला यह तीसरा मामला है।