
नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी। जिले के खेतिया थाना क्षेत्र में गत सप्ताह रात्रि में एक पिकअप वाहन चोरी हो गया था। इस दौरान वाहन मालिक ने खेतिया थाने में चोरी की रिपोर्ट कराई थी। हालांकि पुलिस जांच में फरियादी ही वाहन का चोर निकला। आरोपित के वाहन पर निजी बैंक की फाइनेंस की किश्त बाकी थी।
वहीं उसने उक्त वाहन किसी अन्य को तीन लाख रुपये में गिरवी दिया था। संबंधित से रुपये लेकर, उसके कब्जे से वाहन को रात में चोरी कर छिपा दिया। ताकि फाइनेंस की किश्त का झंझट नहीं रहे और गिरवी की एवज में लिए रुपये भी न देना पड़े।
हालांकि आरोपित की शातिर रणनीति, पुलिस की गहन विवेचना के आगे नहीं चली। पुलिस ने उक्त वाहन की चोरी की गुत्थी सुलझाई। जिसमें सीसीटीवी में फरियादी ही वाहन चोरी कर ले जाता फुटेज में कैद हुआ। जिसके बाद उसने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार किया।
पुलिस ने बताया कि फरियादी विनोद पुत्र आमलाल वास्कले निवासी ग्राम मलगांव ने 25 दिसंबर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 दिसंबर की रात्रि में खेतिया के हनुमान चौक से उसकी खड़ी पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 46 जेडसी 3998 को अज्ञात बदमाश चोरी कर ले गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना में लिया। एसपी जगदीश डावर के निर्देशन और एएसपी धीरज बब्बरके मार्गदर्शन में खेतिया थाना प्रभारी सुरेंद्र कनेश ने टीम गठित कर आरोपित की तलाश की। इस दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।
जिसके विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया कि फरियादी स्वयं उक्त वाहन को चोरी कर ले जाता हुआ नजर आया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरियादी विनोद वास्कले को पुलिस ने थाना बुलाकर सख्ती से पूछताछ की। जिसमें उसने उक्त वाहन चोरी करना स्वीकार किया।
आरोपित द्वारा चोरी किया गया वाहन ग्राम मोरतलाई में नाले के पास छिपाकर रखना बताया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वाहन को बरामद किया। कार्रवाई में थाना उपनिरीक्षक अजमेरसिंह अलावा, सहायक उपनिरीक्षक विक्रमसिंह किराड़े, आरक्षक सैयदाम डावर, मानसिंह भिड़े, मुकेश खत्री,साइबर टीम के रितेश खत्री का सहयोग रहा।
आरोपित को सेंधवा उप जेल भेजा
खेतिया थाना प्रभारी कनेश ने बताया कि उक्त वाहन मालिक ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वो ही चोर निकला। आरोपित ने वाहन पर निजी बैंक से फाइनेंस लिया था। जिसकी किस्त बाकी थी, वो किश्त नहीं भर पा रहा था। ऐसे में उसने अन्य व्यक्ति को उक्त वाहन तीन लाख रुपये में गिरवी दे दिया। इसके बाद संबंधित व्यक्ति के यहां से वाहन चुराकर छिपा दिया। ताकि बैंक की किस्त और गिरवी के रुपये वापस देने की झंझट से बच सके। आरोपित को सेंधवा न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे उप जेल सेंधवा में भेजा गया।