
नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी। सेंधवा ग्रामीण पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए ग्राम धनौरा में हुई चोरी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन शातिर आरोपितों को गिरफ्तार कर करीब एक लाख रुपये कीमत के चोरी गए चांदी के जेवरात का 100 प्रतिशत माल बरामद किया है। आरोपितों से पूछताछ में वारला और नागलवाड़ी क्षेत्र में भी चोरी की वारदातों का खुलासा होने का दावा पुलिस ने किया है।
पुलिस के अनुसार जुलाई माह में धनौरा निवासी के घर का शटर तोड़कर रात में आभूषण चोरी किए गए थे। मामले में प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। चोरी का माल बेचने की फिराक में घूम रहे तीन आरोपितों को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी भीमा उर्फ भीमसिंह हत्या के मामले में करीब 10 वर्ष तक बड़वानी जेल में बंद रहा। जेल के दौरान उसकी पहचान धार जिले के बाग-टांडा क्षेत्र के अपराधियों से हुई। करीब ढाई माह पहले जेल से बाहर आने के बाद उसने अपने गांव के अशोक उर्फ मुकेश और बलीराम के साथ मिलकर गिरोह बनाया।
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य दिन में सूने मकानों और दुकानों की रेकी करते थे। इसके बाद रात में बाहरी साथियों को बुलाकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस को आरोपितों से पूछताछ में अन्य वारदातों के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से चांदी के कड़े, चेन, गले के हार, बिछिया, लॉकेट और अंगूठियां बरामद की हैं। बरामद मसरूके की अनुमानित कीमत करीब एक लाख रुपए बताई गई है। पुलिस फरार साथियों की तलाश के साथ आरोपियों से अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में पूछताछ कर रही है।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर तथा एसडीओपी सेंधवा अजय वाघमारे के मार्गदर्शन में की गई। सेंधवा ग्रामीण थाना प्रभारी निरीक्षक ओपी सिंह चोंगड़े सहित पुलिस टीम और साइबर सेल के अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका रही।