
बड़वानी-सेंधवा। पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई सांसद आदर्श ग्राम योजना को लेकर जिले में सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इस बीच सांसद सुभाष पटेल ने पीएम की योजना पर खरा उतरने की बात कहते हुए संगठन के समन्वय से आदर्श गांव का चयन करने की बात कही है। नईदुनिया ने आदर्श गांव चयन को लेकर पड़ताल की। वैसे तो कई गांव हैं जो इस सूची में हो सकते हैं। इनमें राजपुर जनपद के जुलवानिया और सेंधवा जनपद के वरला पर विचार किया जा सकता है।
ये हैं संभावनाएं
जिले से गुजर रहे एबी रोड पर बसा जुलवानिया कई मायनों में अब तक पिछड़ा हुआ है। इसे एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री के निर्धारित मापदंडों पर भी ग्राम खरा उतरता है वहीं आसपास के कई गांवों का केंद्रबिंदु भी है। यदि यहां सुविधाओं का विस्तार किया जाता है तो आदर्श ग्राम के रूप में तैयार किया जा सकता है।
एक नजर
-जुलवानिया की जनसंख्या लगभग 5 हजार।
-जुलवानिया सांसद का ससुराल या पैतृक गांव नहीं है।
-एबी रोड पर बसा होने से आने वाले समय में विकास की संभावना है।
-यहां मिलने वाली सुविधाओं का लाभ आसपास के क्षेत्र सहित एबी रोड से गुजरने वालों को मिल सकता है।
ये हैं संभावनाएं
सेंधवा तहसील से 15 दिसंबर 2010 को जुदा होकर वरला तहसील बना। तहसील मुख्यालय पर आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। तहसील मुख्यालय होने के कारण यहां सांसद को केवल उच्च स्तर पर प्रयासभर करना होंगे। चूंकि यह क्षेत्र श्रम मंत्री अंतरसिंह आर्य के क्षेत्र में आता है। वहीं स्वयं मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने इस तहसील का लोकार्पण किया था। इस दृष्टिकोण से भी फायदा मिलेगा।
एक नजर
-वरला की जनसंख्या 3 हजार से अधिक व 5 हजार से कम है।
-वरला सांसद का ससुराल या पैतृक गांव भी नहीं है।
-तहसील मुख्यालय होने से यहां जनपद कार्यालय शुरू कर तमाम इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जा सकेंगे।
-वरला के आदर्श बनने से इससे जुड़े सैकड़ों वन ग्रामों को लाभ मिल सकता है।
गंभीरतापूर्वक कार्य करेंगे
प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई सांसद आदर्श ग्राम योजना पर गंभीरतापूर्वक कार्य किया जाएगा। जिला संगठन के मार्गदर्शन में गांव का चयन किया जाएगा। सुझाए गए ग्रामों पर विचार किया जा सकता है।- सुभाष पटेल, सांसद, बड़वानी-खरगोन