युवराज गुप्ता. बड़वानी
शहर से करीब दो किमी दूर ग्राम बंधान में सतपुड़ा की पहाड़ी से गिरने वाला झरना यहां का जीवनदाता है। इस झरने से ही दो हजार की आबादी वाले गांव की प्यास बुझ रही है वहीं आसपास क्षेत्र के जलस्रोत भी रिचार्ज हो रहे हैं। हजारों लोगों के जीवनदाता इस झरने के संरक्षण की दरकार है। क्षेत्र के लोगों की यह मांग है कि यदि इस झरने को पुष्कर समृद्ध योजना में शामिल कर लिया जाए तो यह जल संरचना हमेशा के लिए संरक्षित रहेगी। योजना के तहत इसके आसपास समुचित सफाई के साथ वृहद स्तर पर पौधारोपण हो जाने से इसकी आयु बढ़ जाएगी। वर्तमान में इस पालनहार झरने की देखरेख यहां के ग्रामीण कर रहे हैं।
ऐसा बताया जाता है कि इस पहाड़ी झरने के कारण ही बंधान गांव बसा है। इस झरने से ही गांव का नाम बंधान पड़ा है। वर्षभर बहने वाले इस बंधान के झरने के कारण आसपास के जलस्रोत रिचार्ज रहते हैं। वहीं ग्रामीण इस झरने और आसपास की झिरियों से निकलने वाले पानी को ही पेयजल के रूप में उपयोग करते हैं। वर्षों से गांव के लोगों की प्यास बुझा रहे इस झरने की देखरेख व सुरक्षा यहां के ग्रामीण करते हैं।
-बंधान गांव का जीवनदायी यह झरना धार्मिक आस्था का केंद्र भी बना हुआ है। गांव की आबादी करीब दो हजार है। यहां के ग्रामीण रोजाना नियमित रूप से बंधान झरने पर बने शिव मंदिर और मां खोड़ियार के दर्शन पूजन करते हैं। यदि पुष्कर समृद्ध योजना में इस स्थल को शामिल कर लिया जाए तो झरने की सुरक्षा और बेहतर हो सकती है। साथ ही यह स्थल एक बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में संवर सकता है।
-राजेश गंगले, उपसरपंच ग्राम बंधान
-बंधान का झरना दो हजार की आबादी वाले गांव का जीवनदाता व पालनहार है। झरने के पानी का उपयोग यहां के लोग पीने के रूप में वर्षभर करते हैं। इस झरने को संवारा जाना चाहिए। बारिश में इस झरने का जलप्रवाह बढ़ता है तो नाले में बाढ़ के साथ ही क्षेत्र के अन्य जलस्रोत भी रिचार्ज होते हैं।
-कमलेश पंवार, शिक्षक
-बंधान के झरने और यहां के स्थल पर यदि जिला प्रशासन ध्यान दे तो यह एक पर्यटन स्थल बन सकता है। इससे यहां पर पर्यटक भी आ सकेंगे। पहाड़ी प्राकृतिक वातावरण से आच्छादित इस झरने व आसपास के क्षेत्र को संरक्षित किया जाना चाहिए।
-अनिल डावर, युवा किसान ग्राम बंधान
-यदि बंधान के झरने को पुष्कर समृद्ध योजना में शामिल कर लिया जाए तो यह एक श्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा। पर्यटन बढ़ने से सरकार को तो राजस्व मिलेगा साथ ही यहां के लोगों को भी रोजगार मिल सकेगा।
-राजू राठौड़, श्रमिक, ग्राम बंधन
-जिला प्रशासन द्वारा झरने व पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों की हरसंभव मदद की जाएगी। पुष्कर समृद्ध योजना में इसे शामिल करने के लिए यहां का निरीक्षण कर संभावनाएं देखी जाएगी।
-घनश्याम धनगर, एसडीएम बड़वानी