
बैतूल (ब्यूरो)। जिले में डेंगू और बुखार से पीड़ित होने के बाद मरीज की मौत हो जाने के मामले थम नहीं रहे हैं। शुक्रवार की रात में बैतूल की एक 17 वर्षीय युवती की नागपुर के अस्पताल में डेंगू से मौत हो गई वहीं सावलमेंढ़ा के डेंगू से पीड़ित दो बच्चों को अमरावती के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इधर सारणी, चोपना और शाहपुर क्षेत्र में डेंगू की दहशत थमने का नाम नहीं ले रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बैतूल शहर में भी डेंगू से पीड़ित होने वालों की संख्या में इन दिनों बढ़ोत्तरी हो रही है। नगर पालिका प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा बीमारियों की रोकथाम के लिए ठोस प्रयास न किए जाने के कारण हालात अब बेकाबू हो रहे हैं। स्थानीय विधायक हेमंत खंडेलवाल जिस वार्ड में निवास करते हैं उसी में एक युवती की डेंगू से मौत हो गई है। मोती वार्ड में चक्कर रोड पर रहने वाले मदन पाल की 17 वर्षीय पुत्री संजना को बीमार हो जाने के कारण मंगलवार को बैतूल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां हालत बिगड़ जाने के कारण उसे नागपुर के निजी अस्पताल ले जाया गया जहां परीक्षण के बाद उसे डेंगू बताया गया। उपचार के दौरान शुक्रवार की रात्रि में उसकी मौत हो गई। वार्ड में एक युवती के डेंगू पीड़ित हो जाने और उसकी मौत होने से दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है।
दो बच्चे गंभीर
भैंसदेही तहसील के ग्राम सावलमेंढ़ा में दो बच्चों को डेंगू से पीड़ित होने के कारण अमरावती के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भैंसदेही से शैलेन्द्र राठौर ने बताया कि सावलमेंढ़ा निवासी रवि सावरकर के पुत्र आनंद (14) एवं तेजस (12) को बुखार आने के कारण परिजनों द्वारा अमरावती के निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां दोनों के खून की जांच की गई तो वे डेंगू से पीड़ित पाए गए हैं। दोनों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें चिकित्सकों की निगरानी में रखकर उपचार किया जा रहा है। सावलमेंढ़ा में डेंगू का प्रकोप होने की खबर मिलते ही बुखार से पीड़ित लोगों में चिंता व्याप्त हो गई है।
दिल्ली की टीम से नहीं राहत
क्षेत्रीय सांसद और विधायकों के प्रयासों से दिल्ली की चिकित्सकीय टीम ने जिले में 3 दिनों तक दौरा किया और हालात का जायजा लिया था। इस टीम के रवाना हो जाने के बाद हालात और बदतर होते जा रहे हैं। स्वास्थ्य केन्द्रों से चिकित्सक नदारत हैं और स्वास्थ्य अमला सुबह से शाम तक अस्पताल में लग रही मरीजों की भीड़ के समक्ष बेबस नजर आ रहा है। नगर के निजी अस्पतालों से डेंगू की पुष्टि करना जरूर बंद कर दिया गया है। निजी अस्पताल के चिकित्सक डेंगू के स्थान पर मल्टी आर्गन फेलुअर का हवाला देकर मरीजों को नागपुर जाने की सलाह दे रहे हैं।
जिले में गंभीर स्थिति नहीं है, मौजूदा संसाधनों से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
एसएस वास्कले, सीएमएचओ, बैतूल