
बैतूल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिला मुख्यालय से सटे राठीपुर ग्राम में जटाशंकर भगवान भोलेनाथ प्रकृति की अद्भुत छटा के बीच विराजमान हैं। यहां पर चैत्र नवरात्र में भव्य और दिव्य स्वरूप में क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि के लिए श्री शतचंडी महायज्ञ का आयोजन काशी से आए महंत बलरामपुरी नागा बाबा के सानिध्य में तीन अप्रैल से प्रारंभ हो रहा है। 11 अप्रैल को पूर्णाहुति के साथ समाप्त होने वाले धार्मिक अनुष्ठान के संबंध में नागा बाबा ने बताया कि महायज्ञ का आयोजन समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से किया जा रहा है। विशाल महायज्ञ यज्ञाचार्य पंडित संतोष पाठक संपन्ना कराएंगे। तीन अप्रैल को शोभायात्रा निकाली जाएगी और इसके बाद महायज्ञ प्रारंभ किया जाएगा। चार अप्रैल को पंचांग पूजन-मंडप प्रवेश, पांच अप्रैल को अग्नि मंथन- ग्रहमुख हवन, छह अप्रैल को माता जी का सहस्त्रार्चन पूजन, सात अप्रैल को माता जी का अभिषेक, आठ अप्रैल को माता जी का पूजन अर्चन, 10 अप्रैल को अविवाहित देवताओं का हवन और 11 अप्रैल को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारा होगा।
जटाशंकर महादेव मंदिर के नीचे यज्ञशाला का निर्माण किया गया है जिसमें यज्ञचार्य पंडित संतोष पाठक के द्वारा विधि-विधान व मंत्र उच्चारण के पूजन किया जाएगा। यज्ञचार्य पंडित संतोष पाठक ने बताया कि मां दुर्गा को शक्ति की देवी कहा जाता है। श्री दुर्गा का एक नाम चंडी भी है। दुर्गा जी को प्रसन्ना करने के लिए जिस यज्ञ विधि को पूर्ण किया जाता है उसे चंडी यज्ञ बोला जाता है। शतचंडी यज्ञ को सनातन धर्म में बेहद शक्तिशाली वर्णित किया गया है। इस यज्ञ से बिगड़े हुए ग्रहों की स्थिति को सही किया जा सकता है और सौभाग्य इस विधि के बाद आपका साथ देने लगता है।बलरामपुरी नागा बाबा ने बताया कि शतचंडी यज्ञ जीवन की शांति की पूर्णता के लिए है। यह हर्षोउल्लास और धन देता है। यह यज्ञ अपने भक्तों से भय की स्थिति में मजबूत बनता है। यह ऋणों से मुक्त करता है और सभी प्रकार की समस्याओं और दर्द को रोकता है। यज्ञ शिष्य को समृद्धि, अधिकार और शक्ति प्रदान करता है। यज्ञ जीवन में आने वाले सभी राक्षसों और बुरी शक्तियों को मारता है।अहंकार को पिघलाता है और जीवन में ताकत देता है। यज्ञ हमें आध्यात्मिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। यह नींद की ऊर्जा देता है और मोक्ष का मार्ग खोलता है। यज्ञ हमारे आसपास सकारात्मक ऊर्जा देता है। मंत्रों के उच्चारण से जीव जगत का आध्यात्मिक कल्याण होता है। भक्तों को भगवान की कृपा से सदैव सुख शांति समृद्धि एवं पुण्य लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने जिले के भक्तों से जटाशंकर महादेव के दरबार में यज्ञ का लाभ लेकर यज्ञशाला की परिक्रमा कर पुण्य लाभ लेने की अपील की है।