भिंड में मिलावटी दूध, घी और मावा बेचने पर 6 कारोबारियों पर 22 लाख का जुर्माना, प्रशासन का कड़ा रुख
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अलग-अलग तारीखों में डेयरियों और खाद्य कारोबारियों के यहां से नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे थे। जांच रिपोर्ट म...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 06:20:08 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 06:20:49 PM (IST)
HighLights
- जांच में फेल मिले नमूने
- बिना लाइसेंस कारोबार पर कार्रवाई
- भू-राजस्व के तहत होगी वसूली
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। जिले में दूध, घी और मावा की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने 6 कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। अलग-अलग मामलों में प्रयोगशाला जांच और वैधानिक प्रक्रिया के बाद न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अपर जिला दंडाधिकारी ने कुल 22 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। कार्रवाई में अमानक दूध और घी, अपद्रव्य स्तर का रिफाइंड पामोलिन आयल तथा बिना पंजीयन और लाइसेंस खाद्य कारोबार करने के मामले शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार, निर्धारित अवधि में अर्थदंड जमा नहीं करने पर धारा 96 के तहत भू-राजस्व के रूप में राशि की वसूली की जाएगी।
प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे थे नमूने
बता दें, कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अलग-अलग तारीखों में डेयरियों और खाद्य कारोबारियों के यहां से नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे थे। जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आने के बाद संबंधित कारोबारियों को नोटिस जारी कर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत अर्थदंड अधिरोपित किया गया।
इन डेयरियों पर लगाया जुर्माना
- गोविंद डेयरी- अवमानक दूध मिलने पर आशीष शर्मा पर तीन लाख रुपये जुर्माना।
- आयूब डेयरी- घी अवमानक मिलने पर अयूब खान पर तीन लाख रुपये अर्थदंड।
- जितेन्द्र सिंह नरवरिया डेयरी- खाद्य पंजीयन नहीं होने पर दो लाख रुपये जुर्माना।
- श्री गणेश डेयरी- अमानक दूध और बिना लाइसेंस कारोबार पर सात लाख रुपये अर्थदंड।
- मां शीतला डेयरी- अपद्रव्य स्तर का तेल और पंजीयन नहीं होने पर चार लाख रुपये जुर्माना।
- नरेंद्र डेयरी- अमानक मावा मिलने पर संचालक पर तीन लाख रुपये अर्थदंड।
टैंकर में मिला 2000 लीटर मिश्रित दूध
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की कार्रवाई में सबसे अधिक सात लाख रुपये का अर्थदंड श्री गणेश डेयरी के संचालक श्रीकृष्ण राठौर पर लगाया गया है। 24 फरवरी 2024 को अमायन रोड, मेहगांव में खाद्य सुरक्षा आयुक्त के उड़नदस्ते के साथ निरीक्षण किया गया था। इस दौरान एमपी 30 जी 1352 नंबर के टैंकर में करीब 2000 लीटर मिश्रित दूध मिला। जांच में दूध अवमानक पाया गया। कारोबारी के पास खाद्य लाइसेंस भी नहीं था। इस पर अवमानक दूध के मामले में तीन लाख और बिना लाइसेंस कारोबार करने पर चार लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
डेयरी पर कार्रवाई करती खाद्य सुरक्षा अधिकारी रीना बंसल। नईदुनिया दूध-घी और मावा के नमूनों में मिली गड़बड़ी
गोविंद डेयरी, जगराम नगर, भिंड से 30 जुलाई 2022 को दूध का नमूना लिया गया था। जांच में दूध अवमानक मिलने पर संचालक आशीष शर्मा पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, 22 अगस्त 2023 को रतवा रोड स्थित आयूब डेयरी से मावा और घी के नमूने लिए गए थे। मावा मानक स्तर का मिला, जबकि खुला घी अमानक पाया गया। इसके बाद संचालक अयूब खान पर तीन लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
गोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम हीरापुरा स्थित जितेन्द्र सिंह नरवरिया डेयरी में 5 अक्टूबर 2024 को निरीक्षण के दौरान घी मानक स्तर का मिला, लेकिन कारोबारी के पास खाद्य पंजीयन नहीं था। इस मामले में दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। लहार तहसील के ग्राम रमपुरा स्थित मां शीतला डेयरी में 13 अगस्त 2024 को मावा निर्माण के दौरान रिफाइंड पामोलिन आयल के उपयोग की आशंका पर नमूने लिए गए थे।
जांच में मावा-तेज के नमूने फेल
जांच में मावा मानक स्तर का, जबकि तेल अपद्रव्य स्तर का पाया गया। खाद्य पंजीयन नहीं होने पर संचालक मुकेश यादव पर कुल चार लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इसी तरह ग्राम अख्तियारपुरा स्थित नरेन्द्र डेयरी से 25 अक्टूबर 2024 को लिए गए मावा के नमूने की जांच में वह अवमानक मिला। संचालक नरेन्द्र सिंह नरवरिया पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूध, घी और मावा सहित अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर नियमित जांच कराई जा रही है। नियमों का उल्लंघन, अवमानक खाद्य सामग्री और बिना पंजीयन या लाइसेंस कारोबार करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। निर्धारित समय में अर्थदंड जमा नहीं करने पर भू-राजस्व के रूप में वसूली की जाएगी। - रीना बंसल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी भिंड।