भिंड में इलाज के दौरान महिला और किशोरी की मौत, परिजनों के हंगामे के बाद क्लीनिक सील
एक मामले में प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर उसे ग्वालियर रेफर किया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दूसरे मामले में बुखार से पीड़ित 17 ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 08 Sep 2026 05:18:28 PM (IST)Updated Date: Tue, 08 Sep 2026 05:20:26 PM (IST)
महिला मोहिनी कुशवाह और किशोरी जाह्नवी तोमर का फाइल फोटो।HighLights
- प्रसव के बाद महिला की मौत
- बुखार से पीड़ित किशोरी का निधन
- क्लीनिक सील, जांच जारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। जिले में उपचार के दौरान महिला और किशोरी की मौत के दो मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामले में प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर उसे ग्वालियर रेफर किया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। स्वजनों ने भिंड के डॉक्टर लेन स्थित श्रीजी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा किया।
वहीं दूसरे मामले में बुखार से पीड़ित 17 वर्षीय किशोरी की निजी क्लीनिक पहुंचने के बाद हालत बिगड़ गई और जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किशोरी के स्वजनों के हंगामे के बाद प्रशासन ने संबंधित क्लीनिक को सील कर दिया है।
प्रसव के बाद बिगड़ी हालत, ग्वालियर ले जाते समय मौत का आरोप
शहर के भवानीपुरा रोड निवासी 29 वर्षीय मोहिनी पत्नी धीरेंद्र कुशवाह को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर स्वजन डाक्टर लेन स्थित श्रीजी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। भर्ती के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने उसका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ बताया। उसे दवा देने के साथ ड्रिप लगाई गई। जांच के बाद स्वजनों को बताया गया कि प्रसव सामान्य होगा, लेकिन रात करीब 8 बजे सीजर करने की बात कही गई।
निजी अस्पताल में स्वजनों से चर्चा करते सीएसपी निरंजन सिंह राजपूत। नईदुनिया बेटे को जन्म देने के बाद सुबह 4 बजे महिला की तबीयत बिगड़ी
स्वजनों की सहमति के बाद महिला को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया, जहां रात 8.45 बजे उसने बेटे को जन्म दिया। करीब एक घंटे बाद उसे ऑपरेशन थिएटर से बाहर लाया गया। मंगलवार अलसुबह करीब 4 बजे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्वजनों के अनुसार नर्सिंग स्टाफ ने करीब 10 मिनट के अंतराल में दो इंजेक्शन लगाए और दो ड्रिप चढ़ाईं। इसके बाद महिला का ब्लड प्रेशर लगातार गिरने लगा।
हालत बिगड़ने पर अस्पताल ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। इसी दौरान उसके मुंह से झाग निकलने की बात भी स्वजनों ने बताई। स्वजन उसे जेएएच अस्पताल ग्वालियर ले गए, जहां डाक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
स्वजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर किया हंगामा
इसके बाद शव भिंड लाकर स्वजनों ने अस्पताल के बाहर रखकर हंगामा किया। मृतका की मौसेरी बहन शशि पत्नी विनोद कुशवाह ने आरोप लगाया कि मोहिनी की मौत भिंड में ही हो गई थी, इसके बावजूद उसे ग्वालियर रेफर किया गया। स्वजनों ने डॉक्टर एसएल शर्मा और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर की मांग की। हंगामे की सूचना पर सीएसपी निरंजन सिंह राजपूत मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
किशोरी की मौत के बाद बंद क्लीनिक के बाहर खड़े स्वजन। नईदुनिया बुखार से पीड़ित किशोरी की मौत, क्लीनिक पर हंगामा
दूसरे मामले में मोहनसिंह का पुरा ऊमरी निवासी 17 वर्षीय जाह्नवी पुत्री अरविंद सिंह तोमर की मौत हो गई। स्वजन ने उसे 4 सितंबर को बुखार आने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वार्ड फुल होने के कारण उसे महिला वार्ड में रखा गया। दो दिन बाद भी बुखार कम नहीं होने पर 6 सितंबर को स्वजन उसे हाउसिंग कालोनी स्थित डॉ. विनीत गुप्ता के क्लीनिक पर लेकर पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टर ने आईसीयू में भर्ती करने की सलाह दी, लेकिन आइसीयू में पलंग उपलब्ध नहीं होने के कारण किशोरी महिला वार्ड में ही भर्ती रही।
7 सितंबर को भी स्वजन उसे डाक्टर को दिखाने पहुंचे और आराम नहीं मिलने की बात कही। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे वे उसे क्लीनिक लेकर पहुंचे। स्वजनों के अनुसार उस समय डाक्टर क्लीनिक पर मौजूद नहीं थे। क्लीनिक पहुंचते ही जाह्नवी को उल्टी हुई और उसकी हालत बिगड़ गई। स्वजन उसे तत्काल जिला अस्पताल के ट्रामा वार्ड लेकर पहुंचे, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
क्लीनिक के बाहर किया हंगामा
किशोरी की मौत के बाद स्वजनों ने क्लीनिक पर हंगामा कर दिया। मृतका के मौसा संतोष सिंह तोमर ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया और डाक्टर के खिलाफ एफआईआर की मांग की। सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस और एसडीएम अखिलेश शर्मा मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने क्लीनिक को सील कराते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
किशोरी का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा था। जब स्वजन उसे क्लीनिक लेकर आए, उस समय मैं वहां मौजूद नहीं था। मेरी ओर से मंगलवार को उसका उपचार नहीं किया गया और मेरी मौजूदगी में उसकी हालत नहीं बिगड़ी। पूरे मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। -डॉ. विनीत गुप्ता, मेडीसिन विशेषज्ञ जिला अस्पताल
दोनों मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण तथा किसी स्तर पर लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्वजनों की मांग पर क्लीनिक को सील कर दिया है। - अखिलेश शर्मा, एसडीएम भिंड