भिंड नगर पालिका में डेथ सर्टिफिकेट की 'फीस' 1150! पार्षद की मुहर के बाद भी मांगे जा रहे 3-3 शपथ पत्र
जब वार्ड पार्षद अपने लेटर पैड पर मृतक की मृत्यु का प्रमाणीकरण कर रहा है, तो इसके बाद स्वजन से अलग-अलग शपथ पत्र लेने की जरूरत ही नहीं है।
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 06:23:47 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 06:24:07 PM (IST)
भिंड नगर पालिका कार्यालय की बिल्डिंग और कार्यालय में स्थित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा। नईदुनियाHighLights
- शपथ पत्रों का अतिरिक्त बोझ
- पार्षदों ने उठाए गंभीर सवाल
- सीएमओ ने दिए जांच के आदेश
शिवम पाण्डेय, नईदुनिया, भिंड। नगर पालिका में मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) बनवाने के लिए मृतक के स्वजन को अब पार्षद के प्रमाणीकरण के बाद भी शपथ पत्रों की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। आरोप है कि इस प्रक्रिया में मृतक के परिवार को करीब 1150 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
दो साल ये व्यवस्था लागू
पार्षदों का कहना है कि जब वार्ड पार्षद अपने लेटर पैड पर मृतक की मृत्यु का प्रमाणीकरण कर रहा है, तो इसके बाद स्वजन से अलग-अलग शपथ पत्र लेने की जरूरत ही नहीं है। भिंड नपा में पिछले करीब दो साल से यह व्यवस्था चलने की बात सामने आई है। इसके तहत किसी वार्ड में व्यक्ति की मृत्यु होने के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए संबंधित वार्ड पार्षद के लेटर पैड पर आवेदन या प्रमाणीकरण मांगा जाता है।
इसके बाद मृतक के स्वजन से 200 रुपये के स्टांप पर शपथ पत्र लिया जाता है। यदि मृतक की अंत्येष्टि गांव में की गई है तो दो गवाहों के भी अलग-अलग शपथ पत्र मांगे जाते हैं।
1050 रुपये देने के बाद भी नपा कर्मचारी को चाहिए 100 रु.
मृतक के स्वजन और दो गवाहों के तीन शपथ पत्र बनवाने में ही परिवार को करीब 1050 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। बताया गया है कि 200 रुपये के स्टांप पर तैयार शपथ पत्र नोटरी प्रक्रिया के बाद करीब 350 रुपये में पड़ता है। इस हिसाब से तीन शपथ पत्रों पर करीब 1050 रुपये खर्च हो जाते हैं। इसके अलावा नपा कर्मचारी द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर 100 रुपये मांगने का भी आरोप है। इस तरह एक मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया में परिवार पर करीब 1150 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
पार्षदों का कहना है कि मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक प्रक्रिया में पहले से दुखी परिवार को अनावश्यक दस्तावेजों के लिए परेशान किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि भिंड नपा को छोड़कर जिले की अन्य निकायों और प्रदेश की अन्य नगर पालिकाओं में पार्षद के प्रमाणीकरण के बाद इस तरह तीन शपथ पत्र लेने की व्यवस्था नहीं है।
कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय न होने से बढ़ी प्रक्रिया
पार्षदों के अनुसार नपा के कर्मचारी किसी प्रकार की जिम्मेदारी अपने ऊपर नहीं लेना चाहते, इसलिए पार्षद के प्रमाणीकरण के बावजूद अतिरिक्त शपथ पत्र लिए जा रहे हैं। इससे एक ओर दस्तावेजी प्रक्रिया बढ़ गई है, वहीं दूसरी ओर आम परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खासतौर पर नपा क्षेत्र से बाहर अंत्येष्टि होने वाले मामलों में दो गवाहों के शपथ पत्र की अनिवार्यता परिवार के लिए अतिरिक्त परेशानी बन रही है।
पार्षदों की सुनें...
- मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए जब वार्ड पार्षद अपने लेटर पैड पर लिखकर दे रहा है तो मृतक के स्वजन से आखिर क्यों तीन-तीन शपथ पत्र मांगे जा रहे हैं। - मनोज जैन, पार्षद, वार्ड क्रमांक 34.
- भिंड नपा कार्यालय को छोड़कर अन्य किसी नगर परिषद या नपा कार्यालय में ऐसी व्यवस्था नहीं है कि मृतक के स्वजन को शपथ पत्र देने पड़ें। मृतकों के स्वजन को परेशान करने के साथ उन पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। - शारदा किशन सोनी, पार्षद, वार्ड 17.
- जब मृतक के स्वजन से स्टांप पर शपथ पत्र लिया जा रहा है तो वार्ड पार्षद के लेटर पैड की क्या जरूरत है। शपथ पत्र मांगे जाने की व्यवस्था तत्काल बंद होनी चाहिए। इस मामले को परिषद की बैठक में भी उठाया जाएगा। - भानू प्रताप सिंह भदौरिया, उपाध्यक्ष नपा भिंड.
मृत्यू प्रमाण पत्र बनवाने के लिए शपथ पत्र मांगे जाने की प्रक्रिया किस नियम के तहत की जा रही है। इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। वहीं, लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई भी होगी। -वीरेंद्र चक्रवर्ती, सीएमओ नपा भिंड.