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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमाह गांव के अनाथ बच्चों के लिए सहकारिता मंत्री अपने खर्च से बनवाएंगे घर

पत्रकारों से वर्चुअल मीटिंग कर मंत्री डा. अरविंद भदौरिया ने जानकारी दी, पालन-पोषण भी करेंगे भिंड। माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हुए अमाह गांव के पांच ब...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Sat, 28 Aug 2021 09:30:47 PM (IST)Updated Date: Sat, 28 Aug 2021 09:30:47 PM (IST)
अमाह गांव के अनाथ बच्चों के लिए सहकारिता मंत्री अपने खर्च से बनवाएंगे घर

पत्रकारों से वर्चुअल मीटिंग कर मंत्री डा. अरविंद भदौरिया ने जानकारी दी, पालन-पोषण भी करेंगे

भिंड। माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हुए अमाह गांव के पांच बच्चों के लिए प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया मदद के लिए आगे आए हैं। शनिवार को पत्रकारों से वर्चुअल मीटिंग में मंत्री ने कहा कि वे बच्चों के लिए अपने खर्च से घर बनवाएंगे। साथ ही बच्चों के पालन-पोषण के लिए भी व्यवस्था करवाएंगे। यहां बता दें, पिछले दिनों लहार विधायक डा. गोविंद सिंह अमाह गांव पहुंचे थे तब इन बच्चों की उन्हें जानकारी मिली थी। लहार विधायक ने बच्चों की मदद की थी। इस खबर को नईदुनिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है।

भीख मांगकर गुजर कर रहे थे बच्चे

यहां बता दें, अमाह गांव मे अनाथ हुए इन पांच बच्चों में सबसे बड़ी सात वर्ष की बेटी है। सबसे छोटा 10 माह का बच्चा है। सात वर्ष की बेटी अपने भाई बहनों का ख्याल रख रही थी। बच्चों के 70 वर्षीय बाबा मंदिर पर रह रहे थे। ऐसे में बच्चे किसी तरह से गांव में भीख मांगकर अपना पेट भर रहे थे। पिछले दिनों जब लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह पहुंचे थे तो उन्होंने कलेक्टर सतीश कुमार एस से बच्चों की मदद के लिए कहा था। खुद बच्चों के भरण-पोषण का जिम्मा लिया था। गांव के लोगों से बच्चों के लिए आर्थिक मदद करवाई थी। नईदुनिया ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद कलेक्टर ने बाल कल्याण समिति के माध्यम से बच्चों को लहार शिशु गृह में भर्ती कराया है। बच्चों के बुजुर्ग बाबा को लहार वृद्वा आश्रम में भिजवाया गया है।


कोविड कल्याण में नहीं आ रहे बच्चे

वर्चुअल बैठक के दौरान सहकारिता मंत्री डा. अरविंद सिंह भदौरिया ने पत्रकारों से कहा कि अमाह गांव के यह बच्चे कोविड कल्याण योजना में नहीं आ रहे थे। बच्चों के माता-पिता की मौत वर्ष 2020 में हुई है। कोविड कल्याण योजना बाद में आई है। सहकारिता मंत्री ने कहा नियमों के कारण पीएम आवास योजना का लाभ भी इन बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। इसलिए उन्होंने खुद अपने खर्च से बच्चों के लिए घर बनवाने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा, जल्द से जल्द बच्चों के लिए दो कमरे, प्रसाधन, किचन आदि सहित घर बनवाया जाएगा। बच्चों के घर में रहने के दौरान उनकी पढ़ाई लिखाई, खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाएगी। एसडीएम या ग्राम पंचायत सचिव को केयर टेकर बनाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि बच्चों को किसी तरह की तकलीफ नहीं हो।