भिंड के पूर्व IAS राजीव शर्मा को मिलेगा जल प्रहरी सम्मान 2026, PM मोदी भी कर चुके हैं 'जल क्रांति' की तारीफ
पूर्व IAS अधिकारी द्वारा शुरू किए गए जल क्रांति अभियान की सराहना प्रधानमंत्री भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कर चुके हैं।
Publish Date: Thu, 22 Oct 2026 04:24:14 PM (IST)Updated Date: Thu, 22 Oct 2026 04:33:12 PM (IST)
आईएएस अधिकारी राजीव शर्मा।HighLights
- जल क्रांति अभियान और जनभागीदारी
- तालाब और नदियां पुनर्जीवित करने की मिसाल
- रिटायरमेंट के बाद भी जल संरक्षण में सक्रिय
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भिंड के राजीव शर्मा को वर्ष 2026 के जल प्रहरी सम्मान के लिए चुना गया है। मप्र में जल क्रांति अभियान के जनक माने जाने वाले आइएएस अधिकारी राजीव शर्मा ने अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान जल संरक्षण के लिए कई अभिनव प्रयास किए हैं।
पूर्व IASअधिकारी द्वारा शुरू किए गए जल क्रांति अभियान की सराहना प्रधानमंत्री भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कर चुके हैं।
जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का किया गया प्रयास
शहडोल संभाग के आयुक्त के रूप में पदस्थापना के दौरान राजीव शर्मा ने किसानों को भूजल संवर्धन की तकनीक सिखाने और वर्षा जल के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से जल क्रांति अभियान शुरू किया था। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया।
दमोह में जनभागीदारी से जल संरक्षण की मिसाल
राजीव शर्मा ने मप्र के विभिन्न जिलों में अपनी पदस्थापना के दौरान जल संवर्धन के लिए लगातार काम किया। वर्ष 1991 में दमोह में नागरिकों के श्रमदान से राजनगर तालाब का गहरीकरण कराया गया था, जो आज भी जनभागीदारी से जल संरक्षण की मिसाल है। इसके अलावा नरसिंहपुर की सींगरी नदी और शाजापुर की चीलर नदी को पुनर्जीवित करने में भी उनके प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मालवा, महाकौशल और विंध्य क्षेत्र में वर्षा जल के माध्यम से असंख्य कुओं और ट्यूबवेल का पुनर्भरण कराने के प्रयास भी किए गए। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद भी राजीव शर्मा जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों में सक्रिय हैं।