
नईदुनिया न्यूज, लहार। लहार से भाजपा विधायक अम्बरीश शर्मा रविवार को अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए। उन्होंने क्षेत्र की तीन प्रमुख समस्याओं सरकारी रास्ते पर कथित कब्जा, बिजली विभाग की कार्यशैली और रेत खदानों के संचालन को लेकर आंदोलन शुरू किया है।
लहार के भाटनताल पर चल रहे धरना स्थल पर विधायक शर्मा ने कहा कि वे पिछले 35 साल से जनता की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं और अब भी लोगों के हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के परिवार की कोठी सरकारी रास्ते पर बनी है, जिससे अनुसूचित जाति बस्ती के लोगों का रास्ता बंद है। इस मांग को लेकर लोग 595 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।
विधायक ने कहा कि यदि नापतौल में कब्जा गलत साबित होता है तो प्रशासन लिखित में दे, अन्यथा रास्ता खुलवाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा के बावजूद कुछ अधिकारी और ‘कांग्रेसी मानसिकता’ के लोग योजनाओं को जनता तक नहीं पहुंचने दे रहे हैं।
विधायक ने बिजली कंपनी की उप महाप्रबंधक पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अधिकारी आम जनता से अभद्र व्यवहार करती हैं और शिकायत लेकर जाने वालों को डराती-धमकाती हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले को वे ऊर्जा मंत्री के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने भी उठा चुके हैं। लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई है।
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उन्होंने कहा कि लहार क्षेत्र में रेत खदानें बंद होने से आम जनता परेशान है। जहां मेहगांव में रेत 5 हजार रुपये ट्राली मिल रही है, वहीं लहार में यही रेत 11 हजार रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर जानबूझकर खदानें बंद रखी गई हैं। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्याओं का समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
जनता की समस्याएं मैंने सरकार और केंद्रीय मंत्री सिंधिया तक पहुंचाई हैं। समाधान नहीं होने पर मजबूरन धरना देना पड़ रहा है। इसके बाद भी अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह आगे की रणनीति बनाएंगे।- अंबरीश शर्मा, भाजपा विधायक, लहार