भिंड: क्वारी नदी में डूबे तीनों युवकों के शव 8 किमी दूर मिले, परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम
रेस्क्यू अभियान के दौरान सबसे पहले 17 वर्षीय अभिजीत पुत्र अर्जुन सिंह भदौरिया निवासी कनावर का शव कछपुरा गांव के पास मिला। शव मिट्टी में दबा हुआ था। एन...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 27 Sep 2026 09:00:47 PM (IST)Updated Date: Sun, 27 Sep 2026 09:01:19 PM (IST)
एनडीईआरएफ की टीम और मृतकों के फाइल फोटो।HighLights
- रविवार सुबह 6.30 से 9.30 बजे तक चला रेस्क्यू अभियान
- कछपुरा और भजाई गांव के पास मिले शव
- परिजनों ने अकोड़ा चौराहे पर लगाया जाम
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। ऊमरी थाना क्षेत्र के कनावर गांव के पास क्वारी नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबे तीनों युवकों के शव रविवार सुबह बरामद कर लिए गए। शुक्रवार शाम हुए हादसे के बाद से एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार तलाश कर रही थीं। रविवार सुबह करीब 6.30 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान 9.30 बजे तक चला। तीनों के शव घटनास्थल से करीब आठ किलोमीटर दूर अलग-अलग स्थानों पर मिले। शवों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों को सौंप दिया गया।
अकोड़ा चौराहे पर मृतक अभिजीत का रखा शव
मृतक अभिजीत के स्वजनों ने शव रखकर जाम लगा दिया। इसके बाद अकोड़ा चौराहे पर मृतक अभिजीत के स्वजनों ने शव रखकर जाम लगा दिया। स्वजन शासन से 10 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। करीब दो घंटे बाद एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या, ऊमरी टीआइ बृजेंद्र सिंह सेंगर की समझाइश के बाद स्वजन मान गए और जाम खोलकर शव गांव ले गए।
मिट्टी में दबा मिला अभिजीत का शव
रेस्क्यू अभियान के दौरान सबसे पहले 17 वर्षीय अभिजीत पुत्र अर्जुन सिंह भदौरिया निवासी कनावर का शव कछपुरा गांव के पास मिला। शव मिट्टी में दबा हुआ था। एनडीआरएफ की टीम ने उसे बाहर निकाला। इसके करीब 10-10 मिनट के अंतराल में 18 वर्षीय कृष्ण पुत्र बऊआ उर्फ निर्भय भदौरिया निवासी चरी और 19 वर्षीय मदन पुत्र चंदू भदौरिया निवासी कोर्ट के शव भी मिले। दोनों के शव भजाई गांव के पास मिले।
किसी के सिर से पिता का साया उठा, किसी का भाई पहले भी नदी में डूबा था
हादसे में जान गंवाने वाले अभिजीत के परिवार पर पहले भी दुखों का पहाड़ टूट चुका है। वह दो भाइयों में छोटा था। उसका बड़ा भाई करीब आठ साल पहले क्वारी नदी में डूब गया था, जबकि पिता का चार साल पहले निधन हो चुका है।
बेटे की मौत से मां रिंकी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, कृष्ण के पिता रेलवे में नौकरी करते हैं। उसका एक छोटा भाई विष्णु भदौरिया है। मदन भी दो भाइयों में छोटा था। उसके बड़े भाई का नाम हुलन सिंह बताया गया है। तीनों युवकों की मौत से उनके गांवों में शोक का माहौल है।
ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद एनडीआरएफ की टीम करीब ढाई घंटे की देरी से पहुंची। उनका कहना है कि यदि समय पर बचाव दल पहुंच जाता तो संभवतः युवकों की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पहले पीएम कराने से इनकार, समझाइशर के बाद माने
जिला अस्पताल में स्वजन ने शवों का पीएम कराने से इनकार कर प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगा रहे थे। इसके बाद मौके पर कलेक्टर किरोड़ीलाल मीना, एएसपी प्रदीप पटेल सहित विभिन्न थानों के प्रभारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बाद में विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह, पूर्व विधायक संजीव सिंह ‘संजू’ और वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र सिंह भदौरिया भी पहुंचे। विधायक कुशवाह ने मुख्यमंत्री से फोन पर चर्चा की।
विधायक कुशवाह ने बताया कि उनकी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से फोन पर बात हुई है। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।