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शौक पूरे करने के लिए सीजीएल और एलएलबी के छात्रों ने बनाया वाहन चोर गिरोह; कार किराए पर लेकर बेचते और GPS से करते थे चोरी, 3 गिरफ्तार

Bhind Vehicle Thief Gang: आरोपी मयंक राठौर एसएससी-सीजीएल परीक्षा की तैयारी कर रहा है। दूसरा आरोपित प्रशांत राठौर एलएलबी अंतिम वर्ष का छात्र है। तीसरे ...और पढ़ें

By Manoj ShrivastavaEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Sun, 02 Aug 2026 10:11:00 AM (IST)Updated Date: Sun, 02 Aug 2026 10:11:29 AM (IST)
शौक पूरे करने के लिए सीजीएल और एलएलबी के छात्रों ने बनाया वाहन चोर गिरोह; कार किराए पर लेकर बेचते और GPS से करते थे चोरी, 3 गिरफ्तार
पुलिस की गिरफ्त में ओरापी और जब्त किया गया चोरी का वाहन। इनसेट में आरोपी धर्मेंद्र रावत, प्रशांत राठौर और मयंक राठौर। नईदुनिया

HighLights

  1. फर्जी आरसी और स्टाम्प के सहारे सस्ते में बेचते थे गाड़ियां
  2. GPS से लोकेशन ट्रेस कर रातों-रात दोबारा चुरा लेते थे कार
  3. बरोही पुलिस और साइबर सेल ने गिरोह का किया भंडाफोड़

नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। एसएससी-सीजीएल परीक्षा की तैयारी और कानून की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने अपने शौक पूरे करने के लिए वाहन चोर गिरोह ही बना लिया। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में इस गिरोह का बरोही थाना पुलिस और साइबर सेल ने राजफाश करते हुए तीन आरोपी छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अभी फरार बने हुए हैं। वहीं आरोपियों के पास से फर्जी आरसी, चोरी की कार और नकदी बरामद की है।

पवन ने की थी रिपोर्ट

पुलिस के अनुसार, पवन भदौरिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक व्यक्ति ने इलाज के लिए पैसों की जरूरत बताकर वैगनआर कार बेचने का सौदा चार लाख रुपये में किया। पवन ने उसको 1.68 लाख रुपये दिए और एक हजार रुपये के ई-स्टाम्प पर नोटरी कराई।


आरोपी ने वाहन का रजिस्ट्रेशन कार्ड और आधार कार्ड की फोटो कॉपी भी दी और शेष राशि बाद में लेकर कार ट्रांसफर कराने का भरोसा दिया। इसके बाद 26 जुलाई की रात पवन ने कार घर के बाहर खड़ी की थी। सुबह उठने पर कार गायब मिली। शिकायत पर पुलिस ने वाहन चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

तीसरा आरोपी कर रहा था कानून की पढ़ाई

पुलिस के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी मयंक राठौर एसएससी-सीजीएल परीक्षा की तैयारी कर रहा है। दूसरा आरोपी प्रशांत राठौर एलएलबी अंतिम वर्ष का छात्र है। तीसरे आरोपी धर्मेंद्र रावत सहित पांच लोगों ने मिलकर तकनीक और फर्जी दस्तावेजों के सहारे वाहन चोरी और दोबारा बिक्री का नेटवर्क तैयार किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गई कार, फर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड और 30 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

सस्ते दामों का लालच देकर बेच देते थे किराए से ली लग्जरी कार

  • पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अपने घूमने व अन्य शौक पूरे करने के लिए उन्होंने यह नेटवर्क तैयार किया था।
  • वह सबसे पहले किराए पर वाहन लेते और फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर थर्ड पार्टी को वाहन व कार सस्ते दामों में बेच देते।
  • इसके बाद आरोपी वाहन के जीपीएस नेटवर्क के माध्यम से रैकी कर सप्ताह भर के अंदर थर्ड पार्टी को बेची गई कार चोरी कर लेते थे।
  • बाद में जाकर थर्ड पार्टी से रुपये वसूल कर मामला सेलटमेंट भी कर लेते थे। आरोपी ने बरोही के खुर्द और भिंड शहर के बीटीआई से एक अन्य कार चोरी करना भी स्वीकार किया है।

साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर वाहन चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से अन्य चोरी की वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। संभावना है कि पूछताछ में और भी मामलों का खुलासा हो सकता है। -अतुल भदौरिया, थाना प्रभारी बरोही।