भिंड में रावण के पुतले की कीमत पर विवाद: निर्माता ने बताए 1.25 लाख रुपये, नपा अफसरों का दावा 1.60 लाख हुए खर्च
पुतला निर्माता और नपा प्रशासन की ओर से बताई गई कीमत में 35 हजार रुपये का अंतर सामने आया है।
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 08:04:22 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 08:04:46 PM (IST)
भिंड में नपा द्वारा तैयार कराया गया रावण का पुतला। नईदुनियाHighLights
- पुतले के दाम में 35 हजार का अंतर
- भोपाल से मंगाया गया 51 फीट का पुतला
- पिछले साल के खर्च पर भी उठे सवाल
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। दशहरा महोत्सव पर रावण दहन के लिए भोपाल से मंगाए गए 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले की कीमत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुतला निर्माता और नपा प्रशासन की ओर से बताई गई कीमत में 35 हजार रुपये का अंतर सामने आया है। भोपाल के पुतला निर्माता विजय साहू ने परिवहन सहित पुतले की कीमत 1.25 लाख रुपये बताते हुए पूरी राशि नकद मिलने का दावा किया है।
खर्च को लेकर उठे सवाल
वहीं, नपा अफसरों का कहना है कि पुतले पर कुल 1.60 लाख रुपये खर्च हुए हैं। दोनों के बयानों में अंतर होने से खरीदी, भुगतान और परिवहन खर्च को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि पिछले साल नगर पालिका ने करीब 2.10 लाख रुपए में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के तीन पुतले तैयार कराए थे, जबकि इस बार केवल एक पुतला मंगाया गया है।
राजीव गांधी खेल मैदान में होगा रावण दहन
शहर के राजीव गांधी खेल मैदान में 20 अक्टूबर की शाम सात बजे दशहरा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सोमवार को दिनभर तैयारियां चलती रहीं। आयोजन में रावण दहन से पहले कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसके बाद रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।
बिना कागज से बनाया है रावण का पुतला
भोपाल के पुतला निर्माता विजय साहू के अनुसार भिंड के लिए तैयार किए गए रावण के पुतले की ऊंचाई 51 फीट है। इसे विशेष बांस, कपड़े और साड़ियों की मदद से तैयार किया गया है। पुतले में आतिशबाजी लगाई गई हैं। निर्माता का दावा है कि इसे तैयार करने में कागज का इस्तेमाल नहीं किया गया है और इसे वाटरप्रूफ बनाया गया है, ताकि मौसम का असर कम पड़े। विजय साहू ने पुतले की कीमत परिवहन सहित 1.25 लाख रुपये बताई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें पूरी राशि नकद प्राप्त हुई है।
निर्माता की ओर से बताई गई कीमत और नपा के खर्च के आंकड़े में अंतर सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि अतिरिक्त 35 हजार रुपए किस मद में खर्च किए गए। हालांकि, वास्तविक लागत स्पष्ट करने के लिए खरीदी से संबंधित बिल, भुगतान के रिकार्ड और अन्य खर्चों का विवरण सामने आना जरूरी है।
सीएमओ बोले- समय कम था, इसलिए भोपाल से मंगाना पड़ा पुतला
नपा सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती ने बताया कि इस बार रावण के पुतले के लिए पहले से आर्डर नहीं दिया गया था। दशहरा आयोजन की तैयारियों के लिए समय कम बचा था और स्थानीय कलाकार पुतला बनाने के लिए तैयार नहीं थे। ऐसी स्थिति में भोपाल से पुतला मंगाने का निर्णय लिया गया। सीएमओ के मुताबिक, रावण के पुतले पर कुल 1.60 लाख रुपये खर्च हुए हैं। दूसरी ओर, निर्माता ने परिवहन सहित इसकी कीमत 1.25 लाख रुपये बताई है। दोनों पक्षों के बयानों में 35 हजार रुपए का अंतर है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि अतिरिक्त राशि किन मदों में खर्च हुई।
तीन पुतलों की जगह इस बार केवल रावण का पुतला
रावण के पुतले की कीमत को लेकर उठे सवालों के बीच पिछले साल के खर्च का मुद्दा भी सामने आया है। नपा अध्यक्ष वर्षा वाल्मीकि और जनप्रतिनिधि सुनील वाल्मीकि ने इस बार पुतले पर हुए खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पिछले साल करीब 2.10 लाख रुपये में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के तीन पुतले तैयार कराए गए थे। इसके विपरीत, इस बार केवल रावण का एक पुतला भोपाल से मंगाया गया है। ऐसे में एक पुतले पर 1.60 लाख रुपए खर्च होने की जानकारी सामने आने के बाद इसकी लागत को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।