चंबल नदी से 8 किमी दूर गांव में घुसा मगरमच्छ, दहशत में आए ग्रामीणों ने खंभे से बांधा; मुरैना से आई टीम ने किया रेस्क्यू
मगरमच्छ को देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों का कहना है कि खुले में छोड़ने पर वह लोगों या मवेशियों के लिए खतरा बन सकता था, इसलि...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 06 Oct 2026 04:14:41 PM (IST)Updated Date: Tue, 06 Oct 2026 04:15:21 PM (IST)
बिजली के खंभे से बंधा मगरमच्छ। नईदुनियाHighLights
- तड़के 3 बजे घर के पास पहुंचा मगरमच्छ
- ग्रामीणों ने रस्सी से खंभे से बांधा
- मुरैना से आई टीम ने चंबल में छोड़ा
नईदुनिया प्रतिनिधि,भिंड। अटेर क्षेत्र में चंबल नदी से निकलकर करीब 8 किलोमीटर दूर सालमपुर गांव में मंगलवार सुबह एक मगरमच्छ पहुंच गया। मगरमच्छ को घर के पास देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। इसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर उसे घेर लिया और काफी मशक्कत के बाद पकड़ लिया। मगरमच्छ को बाद में रस्सी से बिजली के खंभे से बांध दिया गया।
रात 3 बजे घर के पास पहुंचा
ग्रामीणों के मुताबिक सालमपुर निवासी कोमल पुत्र पहलवान शर्मा के घर के पास मंगलवार तड़के करीब 3 बजे मगरमच्छ पहुंचा था। रात में इसकी जानकारी किसी को नहीं हुई। सुबह जब ग्रामीणों की नजर मगरमच्छ पर पड़ी तो गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और सुरक्षित दूरी बनाकर उसे घेर लिया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने मगरमच्छ को काबू में कर लिया। इसके बाद उसे मवेशी बांधने वाली रस्सी से बिजली के पोल से बांध दिया।
मगरमच्छ को देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों का कहना है कि खुले में छोड़ने पर वह लोगों या मवेशियों के लिए खतरा बन सकता था, इसलिए उसे रेस्क्यू टीम के आने तक बांधकर रखा गया है।
वन विभाग को दी सूचना, मुरैना से आया रेस्क्यू दल
ग्रामीणों ने मगरमच्छ के गांव में पहुंचने की सूचना वन विभाग को दी। ग्रामीणों के अनुसार सुबह रेंजर कृतिका शुक्ला से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, विभाग की ओर से बताया गया कि भिंड की टीम मगरमच्छ का रेस्क्यू नहीं कर पाएगी, इसलिए मुरैना से रेस्क्यू दल बुलाया जाएगा। दोपहर में मुरैना से टीम आई और मगरमच्छ को रेस्क्यू कर सुरक्षित चंबल नदी में छोड़ दिया।