गूगल पर डॉक्टर का नंबर खोजना पड़ा भारी: भिंड में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के नाम पर 5 लाख की साइबर ठगी
भिंड क्राइम समाचार: पीड़ित के अनुसार 6 से 11 सितंबर के बीच उनके खाते से कुल 4,98,998 रुपये कट गए। 11 सितंबर को एक अन्य नंबर से फोन आया कि खाते से पैसे...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 26 Sep 2026 04:59:19 PM (IST)Updated Date: Sat, 26 Sep 2026 05:00:01 PM (IST)
HighLights
- गूगल सर्च से मिला फर्जी नंबर
- लिंक भेजकर खाली किया बैंक खाता
- पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराया केस
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। साइबर ठग अब डॉक्टर से अपाइंटमेंट दिलाने के नाम पर भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसा ही मामला शहर के न्यू फल मंडी जेल रोड निवासी 41 वर्षीय उमाशंकर बघेल के साथ सामने आया है। पिता का इलाज कराने के लिए गूगल पर डॉक्टर का मोबाइल नंबर खोजना उन्हें महंगा पड़ गया। ऑनलाइन अपाइंटमेंट के नाम पर भेजी गई लिंक पर ओटीपी साझा करने के बाद उनके बैंक खाते से 4 लाख 98 हजार 998 रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है।
गूगल पर डॉ. उज्ज्वल शर्मा का मोबाइल नंबर खोजा
उमाशंकर बघेल ने बताया कि 1 सितंबर को पिता कमलेश सिंह की तबीयत खराब होने पर उन्होंने गूगल पर डॉ. उज्ज्वल शर्मा का मोबाइल नंबर खोजा। दिए गए नंबर पर फोन कर अपाइंटमेंट लेने की बात कही तो सामने वाले ने ऑनलाइन या ऑफलाइन नंबर लगाने के बारे में पूछा। जल्दी दिखाने की बात कहने पर उसने व्हाट्सएप पर ऑनलाइन अपाइंटमेंट नाम से एक लिंक भेजी।
उमाशंकर के मुताबिक लिंक खोलने पर मोबाइल पर ओटीपी आया, जिसे उन्होंने फोन करने वाले को बता दिया। इसके बाद खाते से एक रुपये कट गया। वह पिता को लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे तो वहां बताया गया कि भीड़ कम है और बिना अपाइंटमेंट भी दिखा सकते हैं। डॉक्टर से परामर्श लेकर वह घर लौट आए।
छह दिन में खाते से निकल गए करीब पांच लाख रुपये
पीड़ित के अनुसार 6 से 11 सितंबर के बीच उनके खाते से कुल 4,98,998 रुपये कट गए। 11 सितंबर को एक अन्य नंबर से फोन आया कि खाते से पैसे कट रहे हैं, इसलिए खाता बंद कराएं। बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाने पर ठगी का पता चला। इसके बाद पहले वाले नंबर से फोन आया और दूसरी लिंक खोलने को कहा गया। जब उमाशंकर ने पैसे कटने की बात कही तो फोन काट दिया गया।
फरियादी की शिकायत के अनुसार डाक्टर का नंबर खोजने के दौरान ऑनलाइन अपाइंटमेंट के नाम पर लिंक भेजकर ओटीपी साझा कराया गया और बाद में खाते से 4,98,998 रुपये निकल गए। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है। - शिवप्रतापसिंह राजावत, टीआई थाना देहात