भिंड में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को ताउम्र जेल, पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा, लगाया अर्थदंड
विचारण के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने आरोपी संदीप खटीक को पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एम)/6 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 05:30:36 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 05:31:13 PM (IST)
जिला न्यायालय भिंड का फाइल फोटो।HighLights
- बीहड़ में ले जाकर किया दुष्कर्म
- अंतिम सांस तक भुगतनी होगी सजा
- पॉक्सो एक्ट के तहत लगा अर्थदंड
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट भिंड की अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आजीवन कारावास का तात्पर्य आरोपी के शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक कारावास से है। इसके साथ ही दोषी पर कुल 7 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। फैसला 16 सितंबर 2026 को सुनाया गया।
नाबालिग को बीहड़ की ओर ले जाकर किया दुष्कर्म
सहायक मीडिया सेल प्रभारी केपी यादव के अनुसार ऊमरी थाना क्षेत्र के ग्राम बाबा की गढ़िया (कनावर) निवासी संदीप खटीक के खिलाफ 10 सितंबर 2024 को मामला दर्ज हुआ था। नाबालिग ने पुलिस को बताया था कि वह दोपहर करीब 1 से 2 बजे घर के सामने बीहड़ में शौच के लिए जा रही थी। इसी दौरान घर के पास रहने वाला संदीप खटीक उसके पीछे-पीछे बीहड़ की ओर गया। विरोध करने पर आरोपी ने उसे धमकाया और गाली-गलौज की।
पीड़िता के अनुसार वहां से भागने की कोशिश करने पर आरोपी ने कुल्हाड़ी की उल्टी तरफ से उसकी गर्दन पर वार किया, जिससे वह गिर गई। इसके बाद आरोपी ने उसका हाथ पकड़कर कांटों के बीच से घसीटा और बीहड़ की ओर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर ऊमरी थाने में अपराध क्रमांक 200/2024 दर्ज कर विवेचना की गई।
कोर्ट ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया
विचारण के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने आरोपी संदीप खटीक को पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एम)/6 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 11/12 पाक्सो एक्ट में एक वर्ष का कठोर कारावास, धारा 115(2) बीएनएस में छह माह तथा धारा 127(2) बीएनएस में छह माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सभी धाराओं में कुल 7 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। प्रकरण की पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी एवं विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट हेमलता आर्य ने की।