
भिंड। भिंड के अतरसूमा गांव में रेत माफिया ने सिंध नदी को इतना खोद दिया है कि इसकी सजा आने वाली कई पीढ़ियों को मिलेगी। इस गांव से निकली सिंध नदी से रेत उत्खनन रोकने में जिम्मेदारों ने दिलचस्पी नहीं ली। इससे निरंकुश माफिया ने नदी को इतना खोदा कि करीब 10 किमी क्षेत्र में नदी ही 'गायब" है। यानी यहां आप सिंध नदी में पहुंच जाएंगे, लेकिन आपको नदी में होने का एहसास नहीं होगा। यहां पानी की जगह रेत के लिए खोदे गहरे-गहरे गड्ढे हैं। कार्रवाई नहीं होने का असर यह है कि यहां दिन में ही जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्रॉली और मजदूरों की मदद से खुलेआम रेत का उत्खनन किया जाता है।
अतरसूमा गांव में सिंध नदी से रेत का इतना अवैध उत्खनन किया गया है कि अब यहां पर मिडिल स्कूल के पीछे, गांव के आम रास्तों और खेतों में हजारों घन मीटर रेत इकट्ठा किया है। नदी से रोजाना रेत उत्खनन कर भंडार किया जाता है और फिर रात में उत्तर प्रदेश और आसपास से आए ट्रकों- डंपरों में भरकर इन्हें बाहर भेज दिया जाता है।
खनिज अधिकारी आरपी भदकारिया से सीधी बात
रिपोर्टर - सर ,अतरसूमा गांव में रेत उत्खनन करने वालों ने नदी ही खत्म कर दी।
खनिज अधिकारी- सही कह रहे हो। कल इस संबंध में मेरी कलेक्टर साहब से बात हुई है।
रिपोर्टर - करीब 10 किमी नदी खत्म कर दी। आपके पास पहले सूचना नहीं आती।
खनिज अधिकारी- अरे! ऐसे सूचना नहीं आती है। आप ही लोगों से मालूम होता है तो बढ़ा देते हैं उस मैटर को ऊपर। हमें फोर्स मिले तो कार्रवाई हो।