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शिवम पाण्डेय, नईदुनिया भिंड: चंबल अंचल के भिंड जिले में, जो कभी लिंगानुपात और कन्या भ्रूण हत्या जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा, अब नवरात्र के अवसर पर एक अनोखी और प्रेरणादायी पहल सामने आई है। जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया ने अपनी कुर्सी नौ दिनों के लिए बेटियों को सौंपने का निर्णय लिया है।
यूके से MBA कर चुकीं जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया ने नवरात्र के नौ दिनों के दौरान कक्षा 7वीं से 11वीं तक की छात्राओं को प्रतिदिन अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें प्रशासनिक व राजनीतिक प्रक्रियाओं से परिचित कराना है।
नवरात्र के पहले दिन कक्षा सातवीं की छात्रा मानवी गुर्जर ने यह जिम्मेदारी निभाई। दूसरे दिन कक्षा नौवीं की अयाति शर्मा ने पद संभाला। वहीं तीसरे दिन शनिवार को कक्षा 10वीं की विधि भदौरिया ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली और विभागीय कार्यों की जानकारी ली।
शनिवार को विधि भदौरिया के जिला पंचायत कार्यालय पहुंचने पर पीओ नरेगा अमित शर्मा ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें जलगंगा संवर्धन अभियान के बारे में जानकारी दी गई। विधि ने बिजली कंपनी के जेई नितिन डोंगरे के साथ विभिन्न विभागीय कार्यों की समीक्षा भी की।
इस दौरान स्थानीय विधायक और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने वीडियो कॉल के माध्यम से विधि से बातचीत की। विधि ने सर्जन बनने की इच्छा जताई, जिस पर मंत्री ने उन्हें प्रोत्साहित किया। इससे पहले अयाति शर्मा से जिले के प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल ने भी संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया।
कामना सिंह भदौरिया, जिन्होंने लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी (उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड) से एमबीए किया है, ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था को समझने का अवसर देना है। यह प्रयास समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुझे एक दिन पहले फोन आया था कि 19 मार्च को आपको एक दिन के लिए जिपं अध्यक्ष बनाया जा रहा है। मुझे जिपं की योजनाओं के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला। इस दौरान मेरा अनुभव यह है कि केंद्र व राज्य सरकार के द्वारा जो योजनाएं शुरू होती हैं, उनमें से बहुत सी योजनाओं की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं हो पाती। ऐसे में इन योजनाओं का ठीक से प्रचार प्रसार होना चाहिए, जिससे ज्यादा ज्यादा लोगों को फायदा हो।
-मानवी गुर्जर, सातवीं की छात्रा, निवासी जिठासों मेहगांव।
मैंने पीएचई के अफसरों के साथ बैठक की। जिपं के डीपीएम से मुलकात की। डीपीएम ने मुझे जलावर्धन योजनाओं के बारे में बताया। इसके बाद मैंने, गांव में निरीक्षण करने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद मुझे खादरगऊ घाट गांव ले जाया गया, जहां मैंने ग्रामीणों से बातचीत की। मैंने कहा कि जहां हैंडपंप लगे हुए हैं उनका निरीक्षण हो जिससे सभी को पानी मिल सके।
-अयाति शर्मा, नौवीं की छात्रा, निवासी चतुर्वेदी नगर भिंड।