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भोपाल में होटल बनाने के नाम पर 1.46 करोड़ लिए, बाद में फर्जी बिल देकर काम अधूरा छोड़ा, 3 पर केस

सितंबर 2024 में द शुभम होटल्स से भवन को होटल में विकसित करने का अनुबंध हुआ था। होटल निर्माण की कुल लागत करीब 3.75 करोड़ रुपये तय हुई थी और दोनों पक्षो...और पढ़ें

By prashant vyasEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 02:25:10 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 02:25:10 PM (IST)
भोपाल में होटल बनाने के नाम पर 1.46 करोड़ लिए, बाद में फर्जी बिल देकर काम अधूरा छोड़ा, 3 पर केस
भोपाल में 1.46 करोड़ का होटल स्कैम, 3 लोगों पर केस दर्ज (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. भोपाल में 1.46 करोड़ का होटल स्कैम दिखा है
  2. गोविंदपुरा पुलिस धोखाधड़ी का केस दर्ज किया
  3. निर्माण के लिए 3.75 करोड़ का अनुबंध था

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। गोविंदपुरा पुलिस ने होटल निर्माण के नाम पर साझेदारों से करीब 1.46 करोड़ रुपये लेने और फर्जी बिल प्रस्तुत कर रकम हड़पने के आरोप में उत्तरप्रदेश के द शुभम होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक शुभम यादव और डायरेक्टर गरिमा यादव व अर्चित सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार रचना नगर निवासी मनोज नागर, जाटखेड़ी निवासी तरुण प्रताप सिंह बघेल और उनके साझेदारों का शक्ति नगर, शाहपुरा में भवन का स्ट्रक्चर बना हुआ था।

3.75 करोड़ रुपये थी होटल निर्माण की कुल लागत

सितंबर 2024 में द शुभम होटल्स से भवन को होटल में विकसित करने का अनुबंध हुआ था। होटल निर्माण की कुल लागत करीब 3.75 करोड़ रुपये तय हुई थी और दोनों पक्षों को 50-50 प्रतिशत खर्च वहन करना था। निर्माण पूरा करने की समयसीमा अगस्त 2025 तय की गई थी। शिकायत में बताया कि होटल कंपनी ने फर्नीचर, लिफ्ट, फाल्स सीलिंग, फायर फाइटिंग, इलेक्ट्रिकल और सिविल वर्क के नाम पर कुल 1.96 करोड़ रुपये के बिल प्रस्तुत किए।


निरीक्षण के दौरान काम अधूरे मिले

इनमें से साझेदारों ने करीब 1.46 करोड़ रुपये ऑनलाइन भुगतान किए। बाद में काम बंद कर शुभम यादव के चले जाने पर मौके का निरीक्षण किया गया तो कई काम हुए ही नहीं मिले। शिकायतकर्ताओं के अनुसार 89 लाख रुपये के फर्नीचर का बिल दिया गया, लेकिन फर्नीचर नहीं मिला।

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15.16 लाख की लिफ्ट, 16.78 लाख की फाल्स सीलिंग और फायर सिस्टम के काम भी अधूरे मिले। इलेक्ट्रिकल और सिविल कार्य में भी बिल की तुलना में काफी कम काम होने का आरोप है। स्ट्रक्चरल इंजीनियर के मूल्यांकन और बैंक स्टेटमेंट समेत दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।