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पाक्सो एक्ट में बड़ा बदलाव: अब 10वीं की मार्कशीट से तय होगी उम्र, पुलिस मुख्यालय ने जारी किए नए नियम

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पाक्सो) के मामलों के पीड़ित की आयु निर्धारित करने के लिए 10वीं कक्षा की मार्कशीट को ही अहम माना जाएगा।

By Digital DeskEdited By: Himadri Singh Hada
Publish Date: Sat, 25 Apr 2026 09:42:59 PM (IST)Updated Date: Sun, 26 Apr 2026 07:24:58 AM (IST)
पाक्सो एक्ट में बड़ा बदलाव: अब 10वीं की मार्कशीट से तय होगी उम्र, पुलिस मुख्यालय ने जारी किए नए नियम
पाक्सो एक्ट में आयु निर्धारण के नए नियम।

HighLights

  1. पाक्सो एक्ट में आयु निर्धारण के नए नियम
  2. 10वीं की मार्कशीट होगी सबसे बड़ा प्रमाण
  3. पुलिस मुख्यालय ने जारी किए निर्देश

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पाक्सो) के मामलों के पीड़ित की आयु निर्धारित करने के लिए 10वीं कक्षा की मार्कशीट को ही अहम माना जाएगा। यह नहीं होने पर पहली कक्षा में प्रवेश के समय दर्ज आयु को आधार माना जाएगा।

स्कूल में नाम नहीं होने की स्थिति में आंगनबाड़ी केंद्र के रजिस्टर में अंकित जन्म तिथि को मान्य किया किया जाएगा। एडीजी महिला सुरक्षा अनिल कुमार ने इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।


सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और वर्तमान विवाद

सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि 10वीं की मार्कशीट को प्रमाण माना जाए। दरअसल, प्रयागराज कुंभ से चर्चा में आई खरगोन की मोनालिसा की आयु पर विवाद है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने खरगोन जिले के पुलिस अधीक्षक से इस संबंध में जवाब मांगा है। इसी बीच पुलिस मुख्यालय ने भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

वैकल्पिक दस्तावेजों की प्राथमिकता

दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि आंगनबाड़ी में भी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में माता-पिता द्वारा दी गई जानकारी को मान्य किया जाए। इन नियमों का उद्देश्य पाक्सो एक्ट के तहत आयु निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी और कानूनी रूप से सुदृढ़ बनाना है ताकि पीड़ितों को सही न्याय मिल सके।