नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य पर्यटन बोर्ड एक बड़ी पहल करने जा रहा है। इसके तहत जल्द 17 नए पर्यटन सुविधा केंद्र (टीएफसी) स्थापित किए जाएंगे।
ऐसे स्थलों को संकुल में बांटा गया है, जिसमें आसपास के पर्यटन स्थल कवर होंगे। केंद्रों का निर्माण और संचालन महिलाओं द्वारा किया जाएगा। साथ ही राज्य में ऐसे सुविधा केंद्रों की संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी।
भोपाल, ओरछा और महेश्वर में संचालित
प्रथम चरण में भोपाल, ओरछा और महेश्वर में तीन सेंटर सफलता पूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। पर्यटन बोर्ड द्वारा यह कवायद महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन परियोजना (एसटीडीडब्ल्यू) के तहत की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य अकेले या समूह में यात्रा करने वाले पर्यटकों को सुरक्षित, सहज और भरोसेमंद माहौल प्रदान करना है।
महिलाओं को मिलेगी जिम्मेदारी
मप्र पर्यटन बोर्ड की सलाहकार (सेफ टूरिज्म डेस्टिनेशन फॉर विमेन) रंजना मिश्रा के अनुसार यह मॉडल न केवल पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित अनुभव देगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका का सशक्त जरिया भी सिद्ध होगा।
दस हजार महिलाओं को दिया गया विशेष प्रशिक्षण महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन परियोजना के अंतर्गत पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रदेश भर में लगभग दस हजार महिलाओं को विशेष कौशल प्रशिक्षण दिया गया है।
प्रशिक्षित महिलाओं को ई-रिक्शा संचालन, टूर गाइड, बोटिंग, कुकिंग, हॉस्पिटैलिटी और फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट जैसी सेवाओं में दक्ष बनाया गया है। नए टीएफसी का प्रबंधन भी इन्हीं महिलाओं के समूहों (क्लब) द्वारा किया जाएगा, जिसमें आवश्यकतानुसार प्रत्येक केंद्र पर पांच से दस महिलाएं तैनात रहेंगी।
33 जिलों के 50 पर्यटन स्थल होंगे कवर
नए 17 केंद्रों को क्लस्टर माडल के आधार पर विकसित किया जा रहा है, जिससे 33 जिलों के 50 प्रमुख पर्यटन स्थल कवर होंगे। पर्यटन सुविधा केंद्र (टीएफसी) ऐसे स्थानों पर स्थापित किए जा रहे हैं, जहां पर्यटकों की आवाजाही अधिक रहती है।
इन संकुलों में खुलेंगे टीएफसीसतना, मंडला, शहडोल, ग्वालियर, शिवपुरी, इंदौर, खंडवा, बुरहानपुर, सांची, उज्जैन, देवास, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, आलीराजपुर, जबलपुर और पेंच खजुराहो।