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एमपी में एक साल में बंद हुए 2,426 सरकारी स्कूल! जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, कहा- सार्वजनिक करें ऑडिट

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पत्र लिखकर इन स्कूलों का जिला, विकासखंड वार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। उन...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 04 Sep 2026 07:23:48 PM (IST)Updated Date: Fri, 04 Sep 2026 07:23:48 PM (IST)
एमपी में एक साल में बंद हुए 2,426 सरकारी स्कूल! जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, कहा- सार्वजनिक करें ऑडिट
जीतू पटवारी ने उठाए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. प्रदेश में 2,426 स्कूल कम होने पर सियासत
  2. जीतू पटवारी ने उठाए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
  3. जीतू पटवारी ने की सामाजिक ऑडिट की मांग

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में हर साल स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ रहा है। स्कूलों को सर्वसुविधायुक्त बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के तमाम दावे किए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर एक साल में 2,426 स्कूल बंद हो गए या फिर मर्ज कर दिए गए। इसे लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पत्र लिखकर इन स्कूलों का जिला, विकासखंड वार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने यह भी पूछा कि लाखों विद्यार्थी सरकारी स्कूल क्यों छोड़ गए?

कांग्रेस ने उठाए आंकड़े और आवागमन पर सवाल

जीतू पटवारी ने कहा कि 2024-25 में प्रदेश में 1,22,120 स्कूल थे, जो 2025-26 में घटकर 1,19,694 रह गए। यानी 2,426 स्कूल कम हो गए। जबकि इसी अवधि में शिक्षकों की संख्या 6,82,492 से बढ़कर 6,92,820 हुई है।

सरकार को बताना चाहिए कि जिन क्षेत्रों में स्कूल बंद या मर्ज हुए हैं, वहां परिवहन, साइकिल, बस या सुरक्षित आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था क्या है? स्कूलों की संख्या घटने का बच्चों की पहुंच और ड्रापआउट पर क्या प्रभाव पड़ा।


बढ़े हुए शिक्षकों को कहां और किस आधार पर तैनात किया गया है? बंद हुए स्कूलों के भवन, जमीन, फर्नीचर व प्रयोगशालाओं का उपयोग कहां और कैसे किया जा रहा है?

यह भी पढ़ें- ग्वालियर, भोपाल व दिल्ली रूट के यात्रियों के लिए झटका, 15 अक्टूबर तक प्रभावित रहेगा रेल यातायात, कई ट्रेनें रद

कांग्रेस की प्रमुख मांगें और सामाजिक ऑडिट का प्रस्ताव

उन्होंने यह भी मांग की है कि अगले तीन वर्षों में ऐसा कोई सरकारी स्कूल बंद या मर्ज न किया जाए, जिससे बच्चों की स्कूल तक पहुंच की दूरी बढ़े। साथ ही प्रत्येक बंद या मर्ज हुए स्कूल का सामाजिक ऑडिट कर सार्वजनिक किया जाए कि वहां पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे की शिक्षा आगे किस स्थिति में पहुंची।