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भोपाल मास्टर प्लान-2047 में आपत्तियों का विस्फोट, बैरागढ़कलां में प्रतिबंध का विरोध, लहारपुर में 643 एकड़ खेत को बचाने की गुहार

भोपाल विकास योजना-2047 का ड्राफ्ट जारी होते ही जमीन से जुड़े हितों का टकराव सामने आने लगा है। महज छह दिन में ड्राफ्ट पर शुक्रवार तक 249 से ज्यादा आपत्...और पढ़ें

By Madanmohan malviyaEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 08:33:11 AM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 08:33:11 AM (IST)
भोपाल मास्टर प्लान-2047 में आपत्तियों का विस्फोट, बैरागढ़कलां में प्रतिबंध का विरोध, लहारपुर में 643 एकड़ खेत को बचाने की गुहार
भोपाल मास्टर प्लान-2047 में आपत्तियों का विस्फोट दिखा है

HighLights

  1. भोपाल मास्टर प्लान 2047 पर 249 आपत्तियों का विस्फोट
  2. विकास की राह में जमीन का सबसे बड़ा पेंच
  3. सड़कों के अलाइनमेंट और बाघ मूवमेंट क्षेत्र पर भी सवाल

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल विकास योजना-2047 का ड्राफ्ट जारी होते ही जमीन से जुड़े हितों का टकराव सामने आने लगा है। महज छह दिन में ड्राफ्ट पर शुक्रवार तक 249 से ज्यादा आपत्तियां और सुझाव पहुंच चुके हैं। इनमें 236 आपत्तियां ऑनलाइन और 13 ऑफलाइन दर्ज कराई गई हैं। सबसे ज्यादा आपत्तियां निजी जमीन के उपयोग, प्रस्तावित सड़कों और कृषि व ग्रीन बेल्ट क्षेत्र को लेकर हैं।

बैरागढ़कलां सहित आसपास के गांवों में बसाहट वाली जमीन को प्रतिबंधित जोन में रखने का विरोध किया गया है, जबकि लहारपुर में करीब 30 साल से खेती हो रही 643 एकड़ जमीन को डूब क्षेत्र से बाहर करने की मांग उठी है। कई लोगों ने प्रस्तावित 18 मीटर चौड़ी सड़कों, सड़क अलाइनमेंट और बाघों के मूवमेंट वाले क्षेत्रों से प्रस्तावित मार्ग हटाने की मांग की। इससे साफ है कि 2047 की तस्वीर तय करने वाले इस ड्राफ्ट में अब सबसे बड़ी चुनौती कागज पर खींची गई विकास की लकीरों और जमीन पर मौजूद वास्तविकता के बीच संतुलन बनाने की है।


एक तरफ मेट्रो, दूसरी तरफ बायपास और रिंग रोड

विशेषज्ञों के मुताबिक मास्टर प्लान की असली परीक्षा सिर्फ नई सड़कों या ग्रोथ कारिडोर बनाने में नहीं, बल्कि अलग-अलग एजेंसियों की परियोजनाओं को एक साझा महानगरीय नेटवर्क में जोड़ने में होगी। निशातपुरा क्षेत्र की निजी भूमि से जुड़ी भोपाल मेट्रो ऑरेंज लाइन के लिए धारा 23 का अवार्ड, पश्चिम भोपाल बायपास के लिए थुआखेड़ा, रतनपुर सड़क और आंवला क्षेत्र में धारा 21 की प्रक्रिया और ड्राफ्ट में प्रस्तावित 83.18 किमी आउटर रिंग रोड इसी बड़े नेटवर्क के अलग-अलग हिस्से हैं।

ड्राफ्ट की सारणी में नर्मदापुरम रोड के 11 मील से सीहोर रोड तक 51 किमी लंबा और 75 मीटर चौड़ा मार्ग भी दर्ज है। हालांकि, किसी मार्ग का ड्राफ्ट में दर्ज होना अपने आप में स्वीकृत डीपीआर, इंटरचेंज, निर्माण शुरू होने या भूखंड स्तर पर विकास अधिकार की गारंटी नहीं है।

51 किमी के ग्रोथ कोरिडोर से कहीं बड़ा है 2047 का भोपाल

क्रेडाई अध्यक्ष और ‘कमाल का भोपाल’ के फाउंडर मनोज मीक के मुताबिक भोपाल विकास योजना-2047 को केवल 51 किमी लंबे ग्रोथ कारिडोर तक सीमित करके देखना शहर के भविष्य को छोटा करके देखने जैसा होगा। प्रकाशित प्रारूप करीब 1016.90 वर्ग किमी निवेश क्षेत्र, 254 गांव, लगभग 45 लाख अनुमानित आबादी और 61,017.02 हेक्टेयर प्रस्तावित विकास योग्य क्षेत्र को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

यह भी पढ़ें- भोपाल मास्टर प्लान 2047: 5 दिन में आईं 245 आपत्तियां; लहारपुर को डूब क्षेत्र और कालापानी को सेंसिटिव जोन से हटाने की मांग

मेट्रो, आउटर रिंग रोड, पश्चिमी बायपास, ग्रोथ कारिडोर, रेडियल सड़कें, एयरपोर्ट, रेलवे और लाजिस्टिक्स नेटवर्क अलग-अलग परियोजनाएं नहीं रह सकते। इन्हें एक ही भू-संदर्भ में जोड़कर देखना होगा।आपत्ति की आखिरी तारीख 25 अक्टूबरमास्टर प्लान का नया प्रारूप 26 सितंबर को जारी हुआ था। आपत्ति-सुझाव दर्ज कराने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर है। ऑनलाइन आपत्ति mptownplan.gov.in/Scheme.aspx पर दर्ज की जा सकती है। ई-मेल से bhopal@mp.gov.in पर सुझाव भेजे जा सकते हैं। लिखित आपत्ति संयुक्त संचालक, टीएंडसीपी कार्यालय भोपाल में भी दी जा सकती है।

ड्राफ्ट एक नजर में

1016.90 वर्ग किमी निवेश क्षेत्र

254 गांव योजना में शामिल-करीब 45 लाख अनुमानित आबादी

61,017.02 हेक्टेयर प्रस्तावित विकास योग्य क्षेत्र

83.18 किमी आउटर रिंग रोड

नर्मदापुरम रोड-सीहोर रोड के बीच 51 किमी प्रस्तावित मार्ग

अब तक 249 से अधिक आपत्तियां-सुझाव

236 ऑनलाइन और 13 ऑफलाइन आपत्तियां

इनका कहना है

मास्टर प्लान 2047 का ड्राफ्ट पर अब तक 249 आपत्तियां -सुझाव प्राप्त हुए हैं। यह सभी लोगों के निजी सुझाव है, जिन पर शासन द्वारा विचार किया जाएगा। अभी 25 अक्टूबर तक इनकी संख्या बढ़ने की उम्मीद है। कौशलेंद्र विक्रम सिंह, संचालक, टीएंडसीपी।