नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दीपावली पर सात और आठ नवंबर को दो दिन काम बंद आंदोलन की चेतावनी से मध्यप्रदेश की छह बिजली कंपनियों में हलचल बढ़ गई है।
मध्य क्षेत्र सहित ट्रांसमिशन, जनरेशन, पॉवर मैनेजमेंट तथा पूर्व, पश्चिम और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों में कार्यरत करीब 45 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों के आंदोलन की तैयारी है।
कंपनियों को दिया नोटिस
मप्र बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव और विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के उपाध्यक्ष नरेंद्र भदौरिया ने 6 बिजली कंपनियों को धारा 22(1) के तहत कामबंद आंदोलन का नोटिस दिया है।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि आउटसोर्स कर्मियों को वेतन और सुविधाओं के मामले में अन्य राज्यों की तुलना में अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहे हैं।
मांगे पूरी न होने से नाराजी
कर्मचारियों का दावा है कि करीब 20 वर्षों से दीपावली और अन्य राष्ट्रीय त्योहारों पर काम करने के बावजूद 90 प्रतिशत आउटसोर्स कर्मियों को अतिरिक्त पारिश्रमिक नहीं मिला है।
उनकी प्रमुख मांगों में ठेका प्रथा समाप्त कर सीधे बिजली कंपनियों से वेतन, रिक्त पदों पर नियमितीकरण, न्यूनतम वेतन में सुधार, जोखिम भत्ता, नाइट अलॉउंस, चिकित्सा अवकाश, बोनस, ग्रेच्युटी, बीमा और दुर्घटना में मृत कर्मचारियों के परिजनों को सहायता शामिल है।