राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल । प्रदेश शासन की फिल्म पर्यटन नीति-2025 के बाद से फिल्म और वेब सीरीज निर्माताओं की मप्र में रुचि बढ़ी है। शूटिंग की अनुमति एवं अन्य संबंधित जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही है।
नई नीति में फिल्म सेल पोर्टल के माध्यम से अनुमति प्राप्त करने में औसत समय लगभग सात से 10 दिन निर्धारित है। इसका परिणाम यह हुआ कि पिछले एक वर्ष में प्रदेश में 513 फिल्म व वेब सीरीज की शूटिंग विभिन्न स्थलों पर की जा चुकी है।
पर्यटन काे मिला फायदा
फिल्म पर्यटन नीति के तहत फीचर फिल्म, वेब सीरीज, ओटीटी प्रोजेक्ट, डॉक्यूमेंट्री, विज्ञापन एवं अन्य फिल्म निर्माण गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, ओरछा, महेश्वर, मांडू, खजुराहो, पचमढ़ी और चंदेरी सहित प्रदेश के अन्य ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थल फिल्म निर्माताओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हैं।
सरपंच, बेबी, गुल्लक-5, किस-किस को प्यार करूं की मप्र में शूटिंग
शासन की फिल्म पर्यटन नीति 2025 के अंतर्गत प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक विरासत, समृद्ध संस्कृति और विविध लोकेशनों के कारण मध्य प्रदेश फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। अभी तक 513 फिल्म परियोजनाओं की शूटिंग प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर की जा चुकी है।
प्रदेश में शूट की गई महत्वपूर्ण फिल्म एवं वेब परियोजनाओं में सरपंच, बेबी, गुल्लक-5, किस-किस को प्यार करूं, लापता लेडीज, पापा कहते हैं, गन्स एंड गैग्स, पंचायत सीजन-5, महारानी सीजन-4, डेविड रेड्डी (तेलुगु), दुपहिया, ब्लैक वारंट तथा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म द पीसेंट शामिल हैं।
लोक सेवा गारंटी में किया शामिल
फिल्म शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से प्रदेश की फिल्म सुविधा व्यवस्था को भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के इंडिया साइन हब (आईसीएच) से भी जोड़ा गया है।
इसके माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के लिए मध्य प्रदेश में शूटिंग की संभावनाओं तथा अनुमति प्रक्रिया तक पहुंच को और सरल बनाया गया है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए फिल्म निर्माताओं को सिंगल विंडो के माध्यम से विभिन्न अनुमतियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। साथ ही, फिल्म शूटिंग से संबंधित सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लाया गया है।
जिसके अंतर्गत अनुमति प्रक्रिया समय-सीमा में उपलब्ध कराने से पारदर्शिता, जवाबदेही और निश्चित समय-सीमा सुनिश्चित हो रही है।
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भोपाल से लेकर खजुराहो तक शूटिंग
फिल्म पर्यटन नीति के तहत फीचर फिल्म, वेब सीरीज, ओटीटी प्रोजेक्ट, डाक्यूमेंट्री, विज्ञापन एवं अन्य फिल्म निर्माण गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, ओरछा, महेश्वर, मांडू, खजुराहो, पचमढ़ी और चंदेरी सहित प्रदेश के अनेक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थल फिल्म निर्माताओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
फिल्म पर्यटन नीति 2025, सिंगल विंडो सुविधा, डिजिटल अनुमति प्रणाली और प्रोत्साहनों के माध्यम से मध्य प्रदेश ने तेजी से देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बनायी है।
फिल्म पर्यटन का लाभ केवल फिल्म उद्योग तक सीमित नहीं है। शूटिंग गतिविधियों से स्थानीय कलाकारों एवं तकनीशियनों को रोजगार, होटल, परिवहन, कैटरिंग एवं अन्य स्थानीय व्यवसायों को आर्थिक अवसर प्राप्त होते हैं तथा प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिलता है। - संचालक डॉ. इलैयाराजा टी., प्रबंध, पर्यटन बोर्ड मप्र।