नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया अब समाप्त हो गई है। प्रवेश के लिए आयोजित काउंसलिंग और अतिरिक्त कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) राउंड के बावजूद बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं।
वहीं, प्रदेश के विभिन्न पाठ्यक्रमों में तकनीकी कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले 5,560 विद्यार्थियों ने बाद में अपने प्रवेश निरस्त करा लिया है।
इंजीनियरिंग और एमबीए से मोहभंग
इनमें इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम से 2,355, डिप्लोमा इंजीनियरिंग से 1,384 और एमबीए से करीब 419 विद्यार्थियों ने प्रवेश रद कराया है। वहीं, प्रदेश में इंजीनियरिंग सहित विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की कुल करीब 3,12,752 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया आयोजित की गई थी।
इनमें करीब 1,69,142 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया, जबकि करीब 1,43,610 सीटें रिक्त रह गईं।
137 इंजीनियरिंग कॉलेजों में हुई काउंसलिंग
तकनीकी शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 137 इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब 76,872 सीटों पर प्रवेश के लिए काउंसलिंग आयोजित की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अंतिम सीएलसी राउंड के माध्यम से प्रवेश दिए गए। इसके बाद कॉलेजों में खाली रह गई सीटों को भरने के लिए अतिरिक्त सीएलसी राउंड भी आयोजित किए गए।
विभाग के प्रयासों के बावजूद बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रह गईं। इंजीनियरिंग की 52 ब्रांच में करीब 49,151 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया, जबकि लगभग 27 हजार सीटें खाली रह गईं। विभाग के अनुसार अतिरिक्त सीएलसी राउंड से भी करीब 20 हजार विद्यार्थियों को प्रवेश मिला, लेकिन इससे सभी रिक्त सीटें नहीं भर सकीं।
एमबीए में भी पिछले साल से कम प्रवेश हुए
एमबीए की करीब 56 हजार सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इनमें 34,176 सीटों पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया, जबकि 21,824 सीटें रिक्त रह गईं। वहीं, पिछले साल 37,082 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। इस वर्ष 34,176 प्रवेश हुए, यानी पिछले साल की तुलना में 2,906 प्रवेश कम हुए हैं।