भोपाल मास्टर प्लान 2047: 11 दिनों में दर्ज हुईं 623 आपत्तियां; लैंडयूज बदलाव की मांग सबसे ज्यादा
भोपाल विकास योजना 2047 के ड्राफ्ट पर 1 अक्टूबर तक 245 आपत्तियां थीं, जो अब बढ़कर 623 हो गई हैं। नागरिक 25 अक्टूबर तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
Publish Date: Wed, 07 Oct 2026 07:31:54 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2026 07:31:54 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो, एआई से तैयार की गई है।HighLights
- 1 अक्टूबर तक 245 आपत्तियां थीं, जो अब बढ़कर 623 हो गई
- बीआईजेड-2 श्रेणी हटाकर लैंडयूज बदलाव की सबसे ज्यादा मांग
- 18 मीटर सड़कों के अलाइनमेंट में बदलाव की मांग प्रमुख है
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । राजधानी के सुनियोजित विकास के लिए 26 सितंबर को जारी हुए भोपाल विकास योजना 2047 के ड्राफ्ट पर शहरवासियों ने आपत्तियों की झड़ी लगा दी है। ड्राफ्ट जारी होने के महज 11 दिनों के भीतर कुल 623 आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं। 1 अक्टूबर तक यह आंकड़ा 245 था, जो अब दोगुने से अधिक हो चुका है।
नगर तथा ग्राम निवेश (टीएंडसीपी) कार्यालय ऑफलाइन मिलने वाली शिकायतों को भी सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर रहा है। सबसे ज्यादा आपत्तियां जमीन के उपयोग (लैंडयूज) में बदलाव को लेकर हैं। लोगों ने बीआईजेड-2 श्रेणी को हटाकर आवासीय और व्यावसायिक उपयोग की अनुमति देने की मांग की है।
सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर विरोध
इसके अलावा 18 मीटर चौड़ी सड़कों के अलाइनमेंट में बदलाव, ग्रीन बेल्ट व कृषि भूमि को आवासीय दर्जा देने और कालापानी क्षेत्र को संवेदनशील जोन से बाहर करने की मांग उठाई गई है। पर्यावरण और डूब क्षेत्र को लेकर भी तीखा विरोध देखा जा रहा है।
लहारपुर और बावड़ियाकला के प्लान पर आपत्तियां
लहारपुर में पिछले 30 वर्षों से खेती वाली 643 एकड़ जमीन को डूब क्षेत्र से बाहर करने और बाघ मूवमेंट वाले इलाकों से प्रस्तावित सड़कों को हटाने की मांग प्रमुखता से की गई है।
बावड़ियाकला और बाग मुगालिया समेत कई इलाकों के रहवासियों ने पश्चिमी बायपास से सड़कों के जुड़ाव को लेकर भी अपने सुझाव व आपत्तियां दर्ज कराई हैं।