नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों पर नगर निगम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के लिए निगम की टीमें सोमवार को मैदान में उतरीं तो ज्यादातर व्यापारियों ने कार्रवाई से पहले ही अपने प्रतिष्ठान खुद बंद कर दिए।
निगम ने 102 प्रतिष्ठानों में स्वयं कारोबार बंद किए जाने के पंचनामे बनाए, जबकि व्यावसायिक गतिविधियां जारी मिलने पर सात संपत्तियों को सील कर दिया। विधानसभा वार कार्रवाई में नरेला सबसे आगे रहा। यहां तीन संपत्तियां सील की गईं, जबकि 23 प्रतिष्ठानों ने खुद कारोबार बंद किया।
मध्य विधानसभा में भी तीन संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई हुई और 21 प्रतिष्ठानों के संचालकों ने स्वयं कारोबार बंद किया।
सबसे बड़ी विधानसभा गोविंदपुरा में कार्रवाई का आंकड़ा सबसे कम रहा। यहां केवल 9 प्रतिष्ठानों के संचालकों ने स्वयं व्यावसायिक गतिविधियां बंद कीं।
इसी तरह उत्तर विधानसभा में सिर्फ सात संपत्तियां स्वयं से बंद की गईं। गोविंदपुरा, उत्तर और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में किसी संपत्ति पर सीलिंग की कार्रवाई नहीं हुई।
खुद बंद किए प्रतिष्ठान
सोमवार को कार्रवाई के लिए निगम की टीमें पहुंचीं तो ज्यादातर व्यापारियों ने खुद ही प्रतिष्ठान बंद कर दिए। जिन व्यापारियों ने खुद कारोबार बंद किया, उन्होंने प्रतिष्ठानों के शटर पर पोस्टर भी लगाए। इन पर लिखा था, भोपाल नगर निगम के आदेश अनुसार इस भवन में व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दी गई हैं।
निगम की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और कारोबार बंद पाए जाने पर पंचनामा तैयार किया। इन पंचनामों को संबंधित प्रतिष्ठानों के बाहर भी चस्पा किया गया।
दुकानदारों ने उठाए सवाल
सीलिंग की कार्रवाई के दौरान रचना नगर, गौतम नगर, अरेरा कॉलोनी सहित अन्य क्षेत्रों में कई व्यापारियों ने मोहलत मांगी। इस पर निगम अफसरों ने कहा कि पहले ही कई दिनों की मोहलत दी गई थी। दो बार नोटिस जारी किए गए। अब मोहलत नहीं दी जा सकती है।
अरेरा कॉलोनी में आर्य समाज मंदिर के पास निगम की टीम पहुंची तो दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध किया। व्यापारियों का कहना था कि क्षेत्र में कई जगह व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन निगम चुनिंदा प्रतिष्ठानों पर ही कार्रवाई कर रहा है। विरोध के चलते निगम की टीम आगे बढ़ गई।
सर्वोच्च न्यायालय में पेश करनी कार्रवाई की रिपोर्ट
बता दें कि आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माण के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में नगर निगम द्वारा कार्रवाई की जा रही है। इसी मामले में 15 सितंबर को अगली सुनवाई प्रस्तावित है।
नगर निगम को अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करनी है। इसके चलते निगम ने नोटिस देने के साथ अब मौके पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। निगम प्रशासन द्वारा शहरभर में 8,264 नोटिस जारी किए थे।
इनमें से 100 से अधिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के अंतिम नोटिस जारी किए थे, इनमें हाेटल, रेस्टोरेंट, पब, बार, फैक्ट्री, जिम जैसे प्रतिष्ठानों को शामिल किया था।
मध्य और नरेला में तीन-तीन प्रतिष्ठान सील
| विधानसभा क्षेत्र | सील किए गए प्रतिष्ठान | स्वयं बंद किए गए प्रतिष्ठान |
| नरेला | 3 | 23 |
| मध्य | 3 | 21 |
| हुजूर | 1 | 18 |
| दक्षिण | कोई सील नहीं | 23 |
| गोविंदपुरा | कोई सील नहीं | 9 |
| उत्तर | कोई सील नहीं | 7 |
| कुल | 7 | 102 |
रसूखदारों को छोड़ छोटे कारोबारियों पर हो रही कार्रवाई
यह कार्रवाई गलत है। व्यापारी गलत नहीं है। सरकार की कमी की वजह से ऐसा हो रहा है। यदि सरकार समय पर भोपाल का मास्टर प्लान लेकर आती तो आज यह समस्या खड़ी नहीं होती। सीलिंग की कार्रवाई से भोपाल का 90 प्रतिशत व्यापार बंद हो जाएगा। व्यापारी सड़कों पर आ गए हैं। सरकार इस समस्या का जल्द समाधान करें। मास्टर प्लान जल्दी लागू करें या फिर मिक्स लैंड यूज व्यवस्था करें। - आनंद सोनी, अध्यक्ष, 10 नंबर मार्केट व्यापारी महासंघ
निगम सिर्फ दिखावे की कार्रवाई कर रहा है। बड़े और रसूखदारों को छोड़ रहा है। सिर्फ छोटे कारोबारियों पर ही कार्रवाई की जा रही है। इसे लेकर नाराजगी है। पूरी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में देंगे। - विवेक त्रिपाठी, रहवासी
रहवासी क्षेत्रों में संचालित आवासीय संपत्तियों पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को भी निगम की कार्रवाई जारी रहेगी। - संस्कृति जैन, आयुक्त, नगर निगम