
मंडीदीप, नवदुनिया प्रतिनिधि । आरटीई का नियम कहता है कि 35 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक होना चाहिए, मगर ब्लाक में तो तीन बच्चों पर एक शिक्षक पदस्थ है। एक दो नहीं, बल्कि 9 ऐसे प्राइमरी स्कूल हैं। इनमें 18 शिक्षक 62 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इनके वेतन पर ही हर माह करीब साढ़े लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यदि स्टेशनरी और बिजली सहित अन्य खर्चों को जोड़ लिया जाए तो आंकड़ा 8 लाख के पार पहुंच जाता है। इसके बाद भी शिक्षक बच्चों का निजी स्कूलों में पलायन नहीं रोक पा रहे हैं। इन स्कूलों में बच्चों की संख्या दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पा रही है। ऐसे हालात सरकारी स्कूलों के अस्तित्व पर खतरे की घंटी बजा रहे हैं।
शासकीय स्कूलों की बदहाली दूर कर निजी स्कूलों की तरह बेहतर शिक्षा देने के सरकारी दावे क्षेत्र में खोखले साबित हो रहे हैं। तमाम प्रयासों के बाद भी सरकार न तो स्कूलों की बदहाली दूर कर पाई और न ही शिक्षा प्रणाली का स्तर सुधार पाई। प्राइमरी स्कूल खोहा में दो शिक्षक 2 बच्चों को पढ़ाते हैं। ब्लाक के करीब एक दर्जन स्कूलों में ऐसी ही स्थिति है। जबकि जिले में इस तरह के 65 स्कूल हैं। जहां बच्चों की संख्या 2 से 9 के बीच में ही है। ऐसी नौबत शिक्षकों के पढ़ाने में लापरवाही और सुस्ती बरतने से आई है। इससे यहां प्राथमिक विद्यालय का भविष्य खतरे में नजर आ रहा है।
प्रोत्साहन योजनाएं भी नहीं रोक पा रहीं पलायन -
सरकार द्वारा बच्चों को आकर्षित करने माध्या- भोजन, पुस्तक, गणवेश, साइकल, छात्रवृत्ति, 10वीं-12वीं बोर्ड में 75 फीसदी से ज्यादा अंक लाने पर लैपटॉप सहित आदि योजनाएं चलाई जा रही हैं। बीपीएल श्रेणी की बालिकाओं को कक्षा एक से लेकर आठ तक 1100 और कक्षा 9 से 12 तक 1500 रुपए सहायता दी जा रही है। इस तरह की कई योजनाएं भी बच्चों के पालकों का सरकारी स्कूलों से मोहभंग हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि ब्लाक के 296 प्राइमरी एवं 108 मिडिल स्कूलों में से पिछले साल 1250 बच्चे सरकारी स्कूल छोड़कर प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश ले लिया।
अधिकारी ही निर्णय लेंगे -
ये स्थापना का मामला है। इस संबंध में पहले बैठक हो चुकी है। जिसमें इन शालाओं को मर्ज कर पालकों या शासन के सहयोग से व्यवस्थाएं बनानी थीं। इस पर आला अधिकारी ही निर्णय लेंगे।
शिवनारायण चौहान, बीआरसी औबेदुल्लागंज
शाला का नाम छात्र संख्या -
पारखेड़ी 9
बांसकुंअर टोला 6
मचपेरा टोला 6
खोहा 2
डांटखेड़ा 7
धनखेड़ी 4
घाटी चिकलोद 8
हरिपुरा 09
पहाड़खेड़ी 09
इन स्कूलों में दो-दो शिक्षक तैनात हैं।