भोपाल नगर निगम में फाउंटेन खरीदी का खेल; एक टेंडर में पाइप ₹11,500 तो दूसरे में ₹25 हजार में लिया
पूर्व जांच में फाउंटेन स्थलों से कई निर्धारित उपकरण गायब मिले थे। लोकायुक्त मामले की जांच कर रहा है, जबकि नगर निगम ने अब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की है।
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 11:06:08 AM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 11:06:08 AM (IST)
चार इमली क्षेत्र में श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर के पास लगा फाउंटेन। फाइल फोटोHighLights
- एसओआर में शामिल सामग्री को नान-एसओआर बताकर खरीदा
- पाइप और एलईडी लाइट सहित कई उपकरणों की खरीदी पर सवाल
- उपकरण गायब मिलने पर भी निगम ने नहीं की कार्रवाई
नईदुनिया, प्रतनिधि, भोपाल। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) के दौरान शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाए गए फाउंटेन की खरीदी पर भोपाल नगर निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। करीब 1.73 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में उपकरणों की दरों, गुणवत्ता और मौके पर उनकी उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
निगम ने 7.5 हार्स पावर की मोटर 45 हजार और 10 एचपी की मोटर 58,500 रुपये में खरीदी। एक टेंडर में पीवीसी पाइप 11,500 रुपये, जबकि दूसरे में 25 हजार रुपये में खरीदा गया। 10 एचपी के फाउंटेन में जीआइ हेडर की कीमत 82 हजार रुपये और 25 एमएम के फोम जेट नोजल की दर 12,500 रुपये प्रति नग रखी गई। 27 वाट की आरजीबी अंडरवाटर एलईडी लाइट 13,600 रुपये प्रति नग में खरीदी गई।
एसओआर से बाहर दिखाई सामग्री, दरों का आधार अस्पष्ट
20 जनवरी 2025 के विस्तृत एस्टीमेट और एल-1 खरीदी दस्तावेजों में कई उपकरण नान-एसओआर मद में रखे गए हैं, जबकि मोटर, पीवीसी पाइप और एलईडी जैसी सामग्री सरकारी एसओआर में शामिल है। सवाल है कि एसओआर की दरों से तुलना किए बिना खरीदी की कीमतें कैसे तय की गईं। दस्तावेजों में कई उपकरणों के लिए अलग-अलग ब्रांड के नाम के साथ ‘या समकक्ष’ लिखा है, लेकिन निश्चित ब्रांड, मॉडल और तकनीकी मानक दर्ज नहीं हैं। इससे सामग्री की गुणवत्ता जांचना भी मुश्किल हो जाता है।
उपकरण गायब मिले, कार्रवाई नहीं
पूर्व जांच में फाउंटेन के कई स्थानों पर निर्धारित उपकरण गायब मिले थे। उनकी जगह दूसरे उपकरण लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इससे सवाल उठता है कि भुगतान के अनुसार सामग्री खरीदी गई या नहीं और उसका इस्तेमाल मौके पर हुआ या नहीं।
लोकायुक्त ने शुरू की जांच
लोकायुक्त मामले की जांच कर रहा है, लेकिन नगर निगम ने अब तक जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की है। वार्ड 53 में भी दो टेंडर, खंभों की जगह स्पष्ट नहीं वार्ड 53 में स्ट्रीट लाइट के खंभे लगाने के लिए सितंबर 2025 में आठ लाख और जून 2026 में 17 लाख रुपये के दो टेंडर जारी किए गए। दोनों में खंभे लगाने का स्थान स्पष्ट नहीं है। करीब नौ महीने के अंतराल में नौ मीटर ऊंचाई वाले खंभों के लिए दो टेंडर जारी करने की जरूरत पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जीआईएस के दौरान लगाए गए फाउंटेन के संबंध में जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। नगर निगम ने रिपोर्ट नगरीय प्रशासन विभाग को भेज दी है। अगले महीने विभाग के आयुक्त लोकायुक्त के समक्ष उपस्थित होकर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। -अविनाश नेमा, मुख्य अभियंता, लोकायुक्त