
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। पुलिस ने बैंकों के साथ मिलकर साइबर ठगी की राशि होल्ड कराने के प्रयास तेज किए हैं। इस बीच, होल्ड की जाने वाली राशि का प्रतिशत बढ़ा तो ठगों ने नया रास्ता निकाल लिया। अब एक से दूसरे खाते में राशि ट्रांसफर करने पर पकड़े जाने के डर से वे एटीएम से राशि निकालकर शेयर बाजार, म्युचुअल फंड व अन्य जगह निवेश कर रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला हाल ही में नीमच पुलिस ने पकड़ा है। शेयर ट्रेडिंग में सुझाव देने के नाम पर 51 हजार रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार किए गए चार आरोपितों से पूछताछ में एटीएम से राशि निकालकर शेयर बाजार में लगाने की पुष्टि हुई है।
पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिनमें एटीएम से ठगी की रुपये तुरंत निकाल ली गई और इस वजह से होल्ड नहीं करवाई जा सकी। इसके लिए ठगों ने नेटवर्क तैयार कर लिया है। वे एटीएम से रुपये निकालने के लिए स्थानीय लोगों को अपने साथ जोड़ते हैं। उन्हें पांच से 10 प्रतिशत तक कमीशन देते हैं।
बता दें, साइबर मुख्यालय ने प्रदेशभर में आपरेशन मैट्रिक्स के तहत एटीएम से ठगी के रुपये निकालने वालों को चिह्नित करने के लिए विशेष अभियान चलाया है। इसमें ऐसे मामले पकड़े जा रहे हैं। बता दें, प्रदेश में पिछले वर्ष 634 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी, जिसमें पीड़ितों और पुलिस की सक्रियता से 137 करोड़ रुपये होल्ड कराए जा सके थे। मध्य प्रदेश सर्वाधिक राशि (प्रतिशत में) होल्ड कराने वाला देश में छठवां राज्य रहा जो वर्ष 2024 में 22वें क्रम पर था।
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नीमच के पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर (आइ4सी) ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल में सामने आए म्यूल बैंक खातों (किराये के खाते) और एटीएम निकासी का डाटा दिया है। इसी आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है।
ठग एटीएम से रुपये निकालकर कई जगह निवेश कर रहे हैं। ठगी की राशि एटीएम से निकालने वालों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है।- प्रणय नागवंशी, एसपी साइबर, भोपाल