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सिंहस्थ 2028: 40 करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ संभालेगा सेवादूतों का दस्ता; हर जिले से चुने जाएंगे 500 युवा, भोपाल में मिलेगी ट्रेनिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में भीड़ प्रबंधन की चुनौती सबसे बड़ी होगी। 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।

By Digital DeskEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 10:26:43 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 10:26:43 PM (IST)
सिंहस्थ 2028: 40 करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ संभालेगा सेवादूतों का दस्ता; हर जिले से चुने जाएंगे 500 युवा, भोपाल में मिलेगी ट्रेनिंग
फाइल फोटो।

HighLights

  1. सिंहस्थ-2028 के लिए 15 हजार से अधिक सेवादूत तैयार होंगे
  2. मध्य प्रदेश के हर जिले से 500 युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
  3. भोपाल में हाईटेक ट्रेनिंग सेंटर बनेगा, 100 मास्टर ट्रेनर होंगे तैयार

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल । सिंहस्थ-2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ के प्रबंधन और सेवा व्यवस्था के लिए मध्य प्रदेश 15 हजार से अधिक सेवादूत तैयार करेगा।

ये 20 से अधिक कैंपों के माध्यम से सेवा कार्य संभालेंगे। सिंहस्थ सेवा दल को 30 से अधिक शिविरों के संचालन की जिम्मेदारी दिए जाने की तैयारी है।

हर जिले से 500 युवा होंगे तैयार

आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से 100 मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। प्रदेश के प्रत्येक जिले से 500 युवाओं तथा उज्जैन संभाग के सभी जिलों से एक-एक हजार युवाओं को सेवादूत के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।

प्रशिक्षण में भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के साथ सेवा व्यवस्था पर भी फोकस रहेगा।

भोपाल में अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में भारत स्काउट एंड गाइड की विशेष संगोष्ठी में की।

सांदीपनि विद्यालयों में होगा प्रशिक्षण

सेंटर बनने तक सांदीपनि विद्यालयों के भवनों और परिसरों में सेवादूतों का प्रशिक्षण कराया जाएगा।उन्होंने कहा कि सिंहस्थ बड़ा धार्मिक आयोजन होने के साथ भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और वैश्विक आस्था का पर्व है।

आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना जरूरी है।

‘तैयार रहो’ इसका ध्येय वाक्य

सुरक्षित और सुव्यवस्थित सिंहस्थ सरकार की प्राथमिकता है और सेवा-भाव, प्रबंधन क्षमता तथा सुशासन की भी इसमें परीक्षा होगी। सेवा, भारत स्काउट एवं गाइड का मूल मंत्र है और ‘तैयार रहो’ इसका ध्येय वाक्य। आप सबको सेवा के लिए, किसी भी चुनौती और अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हमेशा की तरह तैयार रहना होगा।

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भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में भीड़ प्रबंधन की चुनौती सबसे बड़ी होगी। 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।

सिंहस्थ-2016 में 7,500 स्काउट एवं गाइड ने 10 कैंपों के जरिए सेवाएं दी थीं। इस बार 15 हजार से अधिक प्रशिक्षित स्वयं सेवक 20 से अधिक कैंपों के माध्यम से सेवा का मोर्चा संभालेंगे।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि महाकाल लोक के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ा है। सेवादूतों को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।