
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट मध्य प्रदेश के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा। अर्थशास्त्री डॉ. जयंतीलाल भंडारी के अनुसार, यह बजट न केवल 'विकसित भारत' के संकल्प को मजबूत करता है, बल्कि मध्य प्रदेश की विशिष्ट भौगोलिक और औद्योगिक क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए कई बड़े लाभ भी प्रदान करता है।
बजट में टेक्सटाइल क्षेत्र के सुधारों पर विशेष बल दिया गया है। 'चैलेंज मोड' के तहत मेगा टेक्सटाइल पार्क की घोषणा से मध्य प्रदेश के पारंपरिक क्लस्टर जैसे चंदेरी, महेश्वर और बुरहानपुर में तकनीकी उन्नयन होगा। 'सामर्थ्य-2' योजना के माध्यम से राज्य के युवाओं को आधुनिक विनिर्माण का प्रशिक्षण मिलेगा, जबकि 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल' खादी और हस्तशिल्प से जुड़े ग्रामीण बुनकरों को सीधा रोजगार और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराएगी।
मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों जैसे खजुराहो और भेड़ाघाट को 'वाइब्रेंट कल्चरल डेस्टिनेशन' के रूप में विकसित किया जाएगा। बजट में नेशनल हॉस्पिटैलिटी संस्थान और गाइडों के लिए पायलट प्रोजेक्ट का प्रावधान है, जो स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करेगा। साथ ही, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे राष्ट्रीय उद्यानों में 'बर्ड वाचिंग' और 'माउंटेन ट्रेल्स' के विकास से ईको-टूरिज्म को नई गति मिलेगी।
मध्य प्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति इसे डेटा केंद्रों के लिए आदर्श बनाती है। बजट में विदेशी डेटा कंपनियों के लिए 'टैक्स हॉलीडे' की घोषणा राज्य के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। इससे एआई (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और युवाओं के लिए हाई-टेक नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर और रोबोटिक्स में सहयोग से मध्य प्रदेश तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनेगा।
देश में बायो-फार्मा विनिर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान से मध्य प्रदेश का फार्मा सेक्टर नई ऊंचाइयों को छुएगा। राज्य में मौजूद फार्मा हब को उन्नत किया जाएगा और क्लीनिकल ट्रायल साइटों के नेटवर्क से चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने की योजना से पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का आधुनिकीकरण होगा।
बजट में 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास के लिए 5000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास का निर्माण और जिला अस्पतालों का अपग्रेडेशन मध्य प्रदेश के सामाजिक ढांचे को मजबूत करेगा। कृषि के क्षेत्र में 'पीएम धन-धान्य कृषि योजना' से राज्य के कम उत्पादकता वाले जिलों में सिंचाई और भंडारण सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा।
16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्यों को मिलने वाले 1.4 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय अनुदान से मध्य प्रदेश को पिछले वर्ष की तुलना में अधिक राशि प्राप्त होगी। साथ ही, 12.2 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय और छोटे उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के 'एसएमई ग्रोथ फंड' से राज्य के औद्योगिक गलियारों और सड़क नेटवर्क की तस्वीर बदल जाएगी।