एक ही दूध से बन रहे थे घी, मावा, दही और पनीर; गुणवत्ता पर संदेह के बाद भोपाल में अमोल डेयरी पर खाद्य विभाग का एक्शन
न्यू कबाड़खाना स्थित अमोल डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई कर दूध और पनीर के नमूने जांच के लिए लिए।
Publish Date: Wed, 12 Aug 2026 03:56:59 PM (IST)Updated Date: Wed, 12 Aug 2026 03:56:59 PM (IST)
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा डेयरी से दूध व उससे बने उत्पादों के नमूने लिए । सौ- विभागHighLights
- न्यू कबाड़खाना स्थित अमोल डेयरी पर खाद्य टीम ने की कार्रवाई
- डेयरी में एक ही दूध से घी, पनीर, मावा और दही तैयार किए जा रहे थे
- गुणवत्ता को लेकर संदेह के बाद नमूने प्रयोगशाला भेजे गए
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट की आशंका के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंगलवार को न्यू कबाड़खाना स्थित अमोल डेयरी पर कार्रवाई कर दूध और पनीर के नमूने लिए। डेयरी में एक ही दूध से घी, पनीर, मावा और दही सहित कई उत्पाद तैयार किए जा रहे थे।
निरीक्षण के दौरान दूध एवं उत्पादों की गुणवत्ता से जुड़े कुछ बिंदुओं पर संदेह होने के बाद विभागीय टीम ने मिक्स दूध और पनीर के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।डेरी संचालक ने टीम को बताया कि प्रतिष्ठान के लिए दूध देवास स्थित पालीवाल सीलिंग प्लांट से प्राप्त होता है।
जांच के लिए भेजे सेंपल
संचालक के अनुसार प्लांट से दूध जांच के बाद डेरी तक पहुंचाया जाता है। हालांकि, विभागीय निरीक्षण में गुणवत्ता को लेकर संदेह सामने आने के बाद अब प्रयोगशाला रिपोर्ट पर निगाह टिक गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने बताया कि फिलहाल नमूनों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।
रिपोर्ट में दूध या पनीर निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता या किसी तरह की मिलावट सामने आती है तो संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नन्हे चाचा डेयरी के दूध में मिल चुका है डिटर्जेंट
बता दें कि हाल ही में खाद्य विश्लेषक की जांच रिपोर्ट में नन्हे चाचा डेरी के मिक्स दूध के नमूने को ‘असुरक्षित’ घोषित किया गया है। 27 जुलाई को लिए गए नमूने की चार अगस्त को आई रिपोर्ट में डिटर्जेंट की मौजूदगी की पुष्टि हुई। इसके बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने डेरी का खाद्य पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
बताया गया कि डेरी में सीहोर के श्यामपुर क्षेत्र से रोज बड़ी मात्रा में दूध आता था, संचालक हर दिन 200 से 300 लीटर दूध ग्राहकों को बेचता था।