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आयुष विभाग की बड़ी राहत: MP में अब NEET के बिना 12वीं की मेरिट से मिलेगा BNYS में दाखिला

ऑनलाइन आवेदन के बाद मूल दस्तावेजों का सत्यापन प्रदेश के किसी भी सरकारी आयुर्वेद, होम्योपैथी या यूनानी कॉलेज में उपस्थित होकर कराना होगा। काउंसलिंग प्र...और पढ़ें

By mukesh vishwakarmaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Mon, 31 Aug 2026 09:11:37 PM (IST)Updated Date: Mon, 31 Aug 2026 09:11:37 PM (IST)
आयुष विभाग की बड़ी राहत: MP में अब NEET के बिना 12वीं की मेरिट से मिलेगा BNYS में दाखिला
प्रतीकात्मक फोटो।

HighLights

  1. BNYS में दाखिले के लिए अब NEET अनिवार्य नहीं होगा
  2. 12वीं के PCB अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी
  3. आवेदन एमपी ऑनलाइन आयुष पोर्टल से होगा

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश के निजी प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालयों में बैचलर ऑफ नैचुरोपैथी एंड यौगिक साइंस (बीएनवायएस) में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए सरकार ने नए नियम जारी किए हैं। अब इस पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए नीट अनिवार्य नहीं होगा।

विद्यार्थियों का चयन 12वीं कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (पीसीबी) में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार मेरिट सूची से किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन के आयुष पोर्टल के माध्यम से केंद्रीकृत ऑनलाइन काउंसिलिंग से पूरी होगी।

अंकों के आधार पर होगा चयन

नए नियमों के अनुसार अभ्यर्थी का 10 प्लस 2 में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों से अलग-अलग पास होना जरूरी है। अनारक्षित और ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे।


प्रवेश वर्ष की 31 दिसंबर तक अभ्यर्थी की उम्र कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए। मेरिट सूची 12वीं के फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में प्राप्त कुल अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। यानी प्रवेश में नीट स्कोर के बजाय 12वीं की मार्कशीट महत्वपूर्ण होगी।

काउंसलिंग चार चरणों में

प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। इसके लिए 600 रुपये शुल्क निर्धारित है। पंजीयन के बाद कॉलेज की पसंद भरने के लिए 50 रुपये शुल्क देना होगा।

ऑनलाइन आवेदन के बाद मूल दस्तावेजों का सत्यापन प्रदेश के किसी भी सरकारी आयुर्वेद, होम्योपैथी या यूनानी कॉलेज में उपस्थित होकर कराना होगा। काउंसलिंग प्रक्रिया चार चरणों में होगी।

इसमें प्रथम चरण, द्वितीय चरण, तृतीय चरण और अंत में स्ट्रे वैकेंसी राउंड शामिल है।

आरक्षण में महिलाओं को 33 प्रतिशत

प्रवेश में राज्य शासन के प्रचलित आरक्षण नियम लागू होंगे। एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग को निर्धारित आरक्षण मिलेगा।

इसके अलावा क्षैतिज आरक्षण के तहत दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 6 प्रतिशत, सैनिक संवर्ग के बच्चों के लिए तीन प्रतिशत, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के लिए तीन प्रतिशत और महिला अभ्यर्थियों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

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कॉलेज सीधे प्रवेश नहीं दे सकेंगे

नियमों में कालेजों को सीधे प्रवेश देने से भी रोक दिया गया है। किसी कॉलेज ने काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर जाकर सीधे प्रवेश दिया तो उसकी एनओसी रद की जा सकती है और प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

वहीं अभ्यर्थी द्वारा आवेदन में गलत जानकारी देने या आपराधिक मामला सामने आने पर प्रवेश निरस्त करने के साथ एफआईआर की कार्रवाई भी की जा सकती है।