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MP Nursing Admission 2026: प्रदेश के 47 निजी नर्सिंग कॉलेजों की 2488 सीटों पर होगा दाखिला, डीएमई ने जारी किया सीट मैट्रिक्स

ग्वालियर के सात कॉलेजों में 385, इंदौर के चार कॉलेजों में 200 और बड़वानी के चार कॉलेजों में 190 सीटें हैं। भोपाल, धार और जबलपुर में तीन-तीन कॉलेजों के...और पढ़ें

By mukesh vishwakarmaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 06:03:18 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 06:03:18 PM (IST)
MP Nursing Admission 2026: प्रदेश के 47 निजी नर्सिंग कॉलेजों की 2488 सीटों पर होगा दाखिला, डीएमई ने जारी किया सीट मैट्रिक्स
प्रतीकात्मक फोटो।

HighLights

  1. प्रदेश के 47 निजी नर्सिंग कॉलेजों में 2488 सीटों पर दाखिला
  2. डीएमई ने 25 जिलों के निजी बीएससी नर्सिंग संस्थानों की सूची जारी की
  3. आगामी चरणों में सीटों की संख्या बढ़ सकती है

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश के निजी नर्सिंग कॉलेजों में नए शैक्षणिक सत्र के लिए बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (डीएमई) ने 25 जिलों में संचालित 47 प्रमुख निजी नर्सिंग संस्थानों के लिए दो हजार 488 सीटों का शुरुआती सीट मैट्रिक्स जारी कर दिया है।

इसके साथ ही प्रवेश और काउंसलिंग की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।

डीएमई अधिकारियों के अनुसार यह केवल शुरुआती सूची है, और आगामी काउंसलिंग चरणों में अन्य कॉलेजों की संबद्धता और मान्यता मिलने के साथ ही कुल सीटों की संख्या में और इजाफा होगा।

47 कॉलेजों में सीटों का आवंटन

यदि पिछले शैक्षणिक सत्र 2024-25 के आंकड़ों से तुलना करें तो उस दौरान राज्य के निजी बीएससी नर्सिंग कॉलेजों में कुल सात हजार 864 सीटें उपलब्ध थीं। हालांकि, उस सत्र में प्रवेश प्रक्रिया के दूसरे दौर के बाद भी पांच हजार 923 सीटें खाली रह गई थीं।


इस बार शुरुआत में ही पारदर्शिता रखते हुए 47 बड़े कॉलेजों में दो हजार 488 सीटों का शुरुआती आवंटन जारी किया गया है।

इसके अलावा वर्ष 2025 में 600 नई सरकारी सीटें भी सिस्टम में जोड़ी गई थीं। काउंसलिंग के अगले चरणों में जैसे-जैसे अन्य प्राइवेट संस्थानों को मान्यता और संबद्धता मिलती जाएगी, कुल सीटों का आंकड़ा बढ़ता चला जाएगा।

ओबीसी को सबसे अधिक सीटें

जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल दो हजार 488 सीटों में से अन्य पिछड़ा वर्ग के हिस्से में सर्वाधिक 672 सीटें आई हैं, जिनमें 632 ओपन और 40 दिव्यांग कोटे की सीटें शामिल हैं। अनारक्षित श्रेणी के लिए कुल 671 सीटें तय की गई हैं, जिनमें 631 ओपन और 40 दिव्यांग कोटे की सीटें हैं।

इसके अलावा अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 498 सीटें, अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 398 सीटें और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 249 सीटें आवंटित की गई हैं।

यह भी पढ़ें- नर्सिंग काउंसिल ऑफिस पर तालाबंदी: भोपाल में 33वें दिन उग्र हुआ प्रदर्शन, संचालक व रजिस्ट्रार को हटाने की मांग

ग्वालियर में सर्वाधिक 385 सीटें, भोपाल-इंदौर भी आगे

ग्वालियर अंचल सात कॉलेजों और 385 सीटों के साथ पूरे प्रदेश में सबसे आगे बना हुआ है। वहीं, इंदौर के चार कालेजों में 200 सीटें और बड़वानी के चार कॉलेजों में 190 सीटें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त भोपाल, धार और जबलपुर जिलों में तीन-तीन कॉलेजों के साथ 170-170 सीटें आवंटित हुई हैं।

संस्थानों की व्यक्तिगत क्षमता के मामले में भोपाल का जय नारायण कॉलेज ऑफ नर्सिंग, गुना का साक्षी नर्सिंग कॉलेज और ग्वालियर का इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंसेज 100-100 सीटों की क्षमता वाले सबसे बड़े संस्थान हैं।

जारी सीट मैट्रिक्स के तहत सभी श्रेणियों को मिलाकर दिव्यांग वर्ग के लिए कुल 148 सीटें आरक्षित की गई हैं, जो कि कुल सीट क्षमता का लगभग छह प्रतिशत है।