भोपाल।( नवदुनिया प्रतिनिधि)। बागसेवनिया के बावाडियां कला रेलवे लाइन पर रविवार शाम एक 30 वर्षीय युवा

व्यापारी खुदकुशी करने के लिए पहंुच गया , जहां वह रेलवे लाइन पर खड़े होकर वह जान देने के लिए रेल का इंतजार कर रहा था। तभी पुलिस के दो आरक्षकों ने पहुंचकर उसे समझाया और उसके मां और पिता से बात कर उनको मौके पर बुलाया। जहां दोनों आरक्षकों की सुझबुझ के बाद युवक ने अपनी जान देनेका फैसला बदल लिया और अपने परिजनों के साथ चला गय । इस तरह से दोनों आरक्षकों की तत्काल कार्रवाई और सूझबूझ का परिचय देत हुए, उसकी जान बचा ली। युवक अपने परिजनों से विवाद के बाद खुदकुशी करने पहुंच गया था।

बागसेवनिया थाना प्रभारी संजीव चौकसे के मुताबिक रविवार शाम करीब 5 बजे मिनी एफआरबी 232 को जानकारी मिली थी। एक युवक बावड़िया फाटक के पास रेलवे लाइन पर पहुंचा है, जहां पर वहां खुदकुशी करने की कोशिश कर रहा है। इस पर बागसेवनिया थाने की मिनी एफआरबी 232 में लगे आरक्षक मंसाराम और आरक्षक

राकेश तत्काल मौके पर पहुंचे। युवक को रेलवे लाइन से हटाकर उससे आरक्षकों ने बात की और उसे काफी समझाया गया और मौके पर युवक के माता-पिता को मौके पर बुलाकर दोनों को समझाइश देकर युवक को सकुशल उनके सुपुर्द किया। मंशाराम ने बताया कि युवक को काफी समझाया। वह ऑटोमोबाइल की दुकान 12 नंबर पर चलाता है। उसके पिता का गैरेज है, उनके साथ भी युवक हाथ बंटवाता था। किसी बात को लेकर दोनों में रविवार को विवाद हो गया था और युवक गुस्से में खुदकुशी करने रेलवे लाइन पर पहुंच गया था।

Posted By: Lalit Katariya

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