
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में माओवादी हिंसा की समस्या के खात्मे के बाद अब नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की तैयारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश को नशामुक्त बनाने के लिए 31 दिसंबर, 2029 तक का लक्ष्य रखा है। इधर, मध्य प्रदेश में पहले से ही नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की कार्ययोजना पर काम हो रहा है।
समय से पहले लक्ष्य प्राप्ति के लिए पुलिस की जांच क्षमता बढ़ाने के साथ ही तकनीकी निगरानी और मादक पदार्थों की पहचान की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। केंद्र सरकार ने नशे के कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को हाल ही में एक करोड़ रुपये दिए हैं। इस राशि से ड्रोन कैमरे खरीदे जाएंगे, जिनकी मदद से मादक पदार्थों की अवैध खेती पर नजर रखी जा सकेगी। डायग्नोस्टिक किट खरीदी जाएंगी, ताकि मादक पदार्थों की मौके पर ही जांच कर उनकी पहचान की जा सके।
जांच और निगरानी के लिए आवश्यक साफ्टवेयर और हार्डवेयर की व्यवस्था की जाएगी। बता दें, अमित शाह ने प्रभावित राज्यों में 31 मार्च, 2026 तक माओवादी हिंसा की समस्या समाप्त करने का लक्ष्य रखा था। मध्य प्रदेश में इससे पहले ही 11 दिसंबर, 2025 को अंतिम तीन माओवादियों के समर्पण के साथ समस्या समाप्त हो गई थी। एडीजी नारकोटिक्स डी. श्रीनिवास वर्मा का कहना है कि केंद्र से और राशि मांगी जाएगी। नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए तकनीक का उपयोग बढ़ाया जाएगा।