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मौत के बाद शरीर में बैक्टीरिया की जांच से खुलेगा मौत का राज, AIIMS भोपाल की पीएचडी शोधार्थी ने किया 331 शवों पर अध्ययन

एम्स भोपाल की फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग की पीएचडी शोधार्थी अश्विनी चंद्रन ने 331 शव परीक्षणों में बैक्टीरिया और फंगस का अध्ययन किया है।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 03:09:42 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 03:09:42 PM (IST)
मौत के बाद शरीर में बैक्टीरिया की जांच से खुलेगा मौत का राज, AIIMS भोपाल की पीएचडी शोधार्थी ने किया 331 शवों पर अध्ययन
एम्स भोपाल का नया शोध (AI Generated Image)

HighLights

  1. मौत के बाद संक्रमण के कारणों का लगेगा पता
  2. शोधपत्र इंटरनेशनल जर्नल में हुआ प्रकाशित
  3. यूरोपियन सोसाइटी के वेबिनार में मिली जगह

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मौत के बाद भी शरीर में मौजूद बैक्टीरिया और फंगस की जांच से संक्रमण और मृत्यु के कारणों को समझने में मदद मिल सकती है। इसी दिशा में एम्स भोपाल के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग की पीएचडी शोधार्थी अश्विनी चंद्रन ने 331 शव परीक्षण में बैक्टीरिया और फंगस का अध्ययन किया है।

एंटीबायोटिक दवाओं के असर पर भी होगी जानकारी

यह शोध मृत्यु के बाद शरीर में मौजूद सूक्ष्मजीवों की जांच पर केंद्रित है। इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि किन संक्रमणों का पता समय पर नहीं चल पाया, अस्पतालों में संक्रमण किस तरह फैल रहे हैं और बैक्टीरिया पर एंटीबायोटिक दवाओं का असर क्यों कम हो रहा है। कुछ मामलों में मृत्यु का कारण स्पष्ट करने में भी इस तरह की जांच उपयोगी हो सकती है। शोध में फंगस से होने वाले संक्रमणों को समझने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।


इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित हुआ शोधपत्र

अश्विनी चंद्रन का एक अन्य शोधपत्र इंटरनेशनल जर्नल ऑफ लीगल मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है। इसमें मृत्यु के बाद रक्त में प्रोकैल्सिटोनिन नामक पदार्थ की जांच से सेप्सिस यानी शरीर में गंभीर संक्रमण के कारण हुई मौत की पहचान करने की उपयोगिता का अध्ययन किया गया है।

यूरोपियन सोसाइटी के वेबिनार में मिली वक्ता की भूमिका

अश्विनी चंद्रन को यूरोपियन सोसाइटी ऑफ क्लीनिकल माइक्रोबायोलॉजी एंड इंफेक्शियस डिजीज (ईएससीएमआईडी) के दो अध्ययन समूहों की ओर से आयोजित वेबिनार में वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। इसमें चार वक्ताओं ने अपने शोध साझा किए। अश्विनी के पीएचडी शोध के पर्यवेक्षक डॉ. अर्नीत अरोड़ा हैं। डॉ. जयंती यादव, डॉ. निरंजन साहू, डॉ. आयुष गुप्ता, डॉ. सागर खडंगा और डॉ. टी. करुणा सह-मार्गदर्शक हैं।