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AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पहुंचे भोपाल, बोले-UCC भारत के संविधान और धर्म की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के खिलाफ

भोपाल पहुंचे ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने यूसीसी का विरोध करते हुए कहा है कि आप धर्म की स्वतंत्रता को खत्म नही...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: manoj dubey
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 08:27:35 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 08:27:35 PM (IST)
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पहुंचे भोपाल, बोले-UCC भारत के संविधान और धर्म की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के खिलाफ
फाइल फोटो।

HighLights

  1. बोले- आप इस तरह का कानून लागू नहीं कर सकते
  2. 17 सितंबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनः मसूद
  3. मध्य प्रदेश के लोगों से शामिल होने की अपील करेंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी मंगलवार को भोपाल पहुंचे। देर शाम ओवैसी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के विरोध में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। ओवैसी ने कहा कि यूसीसी भारत के संविधान और धर्म की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के खिलाफ है।

इस तरह का कानून लागू नहीं कर सकते

ओवैसी ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार), 26 (धार्मिक मामलों के प्रबंधन की स्वतंत्रता), 14 (कानून के समक्ष समानता) और 29 (अल्पसंख्यकों के सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकारों की सुरक्षा) के खिलाफ है। आप धर्म की स्वतंत्रता को खत्म नहीं कर सकते और इस तरह का कानून लागू नहीं कर सकते।


17 सितंबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

मंगलवार दोपहर भोपाल पहुंचे ओवैसी सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में यूसीसी के खिलाफ आयोजित जनसभा में शामिल होंगे और उसे संबोधित करेंगे। इससे पहले सोमवार को कांग्रेस विधायक और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के सदस्य मसूद ने कहा कि वे UCC कानून को स्वीकार नहीं करेंगे और मध्य प्रदेश के लोगों से 17 सितंबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने का आग्रह किया।

न तो हमने इसे स्वीकार किया है और न ही भविष्य में करेंगे

मसूद ने कहा, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कोई भी घोषणा करने से पहले बहुत चिंता, सोच-विचार और परामर्श के साथ अपने मुद्दों पर चर्चा करता है। यूसीसी पर बोर्ड क्या फैसला लेगा, इसे लेकर काफी उम्मीदें हैं। हम पहले दिन से कह रहे हैं कि हम यूसीसी कानून को स्वीकार नहीं करेंगे। न तो हमने इसे स्वीकार किया है और न ही भविष्य में करेंगे।

इसे वापस लेने की मांग के लिए प्रयास जारी रखेंगे

उन्होंने कहा कि बोर्ड और उसके सदस्य यूसीसी का विरोध करने और इसे वापस लेने की मांग के लिए प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों को उठाकर और संवैधानिक ढांचे के भीतर उपलब्ध सभी तरीकों का इस्तेमाल करके इस मुद्दे को आगे बढ़ाया जाएगा।

मध्य प्रदेश के लोगों से शामिल होने की अपील करेंगे

कांग्रेस विधायक मसूद ने कहा, चूंकि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपनी पहली घोषणा कर दी है। हमने मध्य प्रदेश के पांच सदस्यों और अन्य सदस्यों ने मिलकर इस पर चर्चा की है। बोर्ड की मंजूरी से हम यह घोषणा कर रहे हैं कि 17 सितंबर को जंतर-मंतर पर होने वाले आंदोलन में हम मध्य प्रदेश के लोगों से शामिल होने की अपील करेंगे।

सीएम ने इसे लोगों के लिए एक सुनहरा अध्याय बताया था

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल, 2026 को राज्य विधानसभा ने 21 जुलाई को पास किया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे राज्य के लोगों के लिए एक सुनहरा अध्याय बताया था और कहा था कि यह ऐतिहासिक कानून देश के 'एक राष्ट्र, एक संविधान, एक झंडा, एक नेता' के बुनियादी सिद्धांत को मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री यादव ने इस बात पर भी जोर दिया था कि यह कदम महिलाओं को बहुविवाह (एक से ज्यादा शादी) से होने वाली तकलीफों से आजाद करेगा और उनके अधिकारों के लिए सरकारी समर्थन सुनिश्चित करेगा।

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