यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बच्चों को तनाव व नशे से दूर रखने स्कूलों में होंगे 'आनंद' कार्यक्रम, भोपाल में हुआ प्रशिक्षकों का सम्मेलन
राज्य आनंद संस्थान द्वारा आयोजित मास्टर ट्रेनर सम्मेलन में प्रतिभागियों ने भावी पीढ़ी को तनाव और नशे के दुष्प्रभावाें के बारे में जागरूक करते हुए उन्ह...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 06 Nov 2024 12:17:09 PM (IST)Updated Date: Wed, 06 Nov 2024 12:17:09 PM (IST)
स्कूलों में आनंद सभाएं (प्रतीकात्मक चित्र)HighLights
- कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आनंद विभाग ने किया आयोजन।
- स्कूलों में आनंद फॉर यूथ कार्यक्रम आयोजन पर दिया जोर।
- प्राइवेट स्कूलों में भी आनंद सभाएं आयोजित करने पर विचार।
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। हमारे जीवन का उद्देश्य न केवल स्वयं का सुख प्राप्त करना है, बल्कि दूसरों के जीवन में भी खुशियां लाना है। "स्वयं आनंदित रहें और दूसरों को आनंदित करें" का सिद्धांत इस बात का संदेश देता है कि जब हम अपने भीतर शांति और आनंद पाते हैं, तो हम अपनी सकारात्मक ऊर्जा से दूसरों को भी खुश कर सकते हैं।
इसी उद्देश्य के साथ राज्य आनंद संस्थान, आनंद विभाग की ओर से मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेशन सेंटर में मास्टर ट्रेनर सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश भर से आए मास्टर ट्रेनर ने हिस्सा लेकर अपने अनुभव साझा किए।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आनंद विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने कहा कि यह एक अनोखा विभाग है, क्योंकि यहां पर प्रॉपर संरचना नहीं है, सब कुछ वालेंटियर बेस्ड है। उन्होंने कहा कि हमें स्कूलों में आनंद फॉर यूथ कार्यक्रम का आयोजन करना चाहिए, जिससे कि युवाओं को नशे में लिप्त होने से बचाया जा सके। आजकल कम उम्र के बच्चे छोटी-छोटी बातों का तनाव ले लेते हैं और आत्महत्या करने जैसा कदम उठा रहे हैं। हमें चाहिए कि हम भावी पीढ़ी को जागरूक करते हुए उन्हें आनंद सभाओं से जोड़ें।
प्राइवेट स्कूलों में भी हो आनंद सभा
रश्मि अरुण शमी ने कहा कि सभाओं के माध्यम से परिवार में जो कुंठाएं या समस्याएं हैं उन्हें दूर किया जा रहा है। इसी प्रकार से हमें सरकारी स्कूलों की तरह ही प्राइवेट स्कूलों में सभाओं का आयोजन करना चाहिए। कार्यक्रम में भोपाल, इंदौर, रीवा, शहडोल, उज्जैन, सागर, पन्ना, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग से आए प्रतिभागियों ने कार्ययोजना की जानकारी दी। इस मौके पर सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न वितरित किए गए।