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तीन मुख्यमंत्रियों और एक मंत्री की घोषणा भी रह गई हवा में, पुलिसकर्मियों को नहीं मिल रहा साप्ताहिक अवकाश

MP News: संभवत: प्रदेश में यह पहला मामला होगा, जब एक नहीं तीन-तीन मुख्यमंत्रियों ने सार्वजनिक मंच से कोई घोषणा की और वह पूरी नहीं हो पाई। हम बात कर रह...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sat, 31 Jan 2026 06:40:28 PM (IST)Updated Date: Sat, 31 Jan 2026 06:40:28 PM (IST)
तीन मुख्यमंत्रियों और एक मंत्री की घोषणा भी रह गई हवा में, पुलिसकर्मियों को नहीं मिल रहा साप्ताहिक अवकाश
MP में पुलिसकर्मियों को नहीं मिल रहा साप्ताहिक अवकाश (फाइल फोटो)

HighLights

  1. MP में 3 सीएम और एक मंत्री की घोषणा भी रह गई हवा में
  2. पुलिसकर्मियों को नहीं मिल रहा साप्ताहिक अवकाश
  3. लगातार पुलिसबल की कमी का तर्क दे रहे अधिकारी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। संभवत: प्रदेश में यह पहला मामला होगा, जब एक नहीं तीन-तीन मुख्यमंत्रियों ने सार्वजनिक मंच से कोई घोषणा की और वह पूरी नहीं हो पाई। हम बात कर रहे हैं प्रदेश में आरक्षक से लेकर थाना प्रभारी तक के साप्ताहिक अवकाश की। मैदानी स्तर पर इनकी संख्या लगभग 70 हजार हैं, जिन्हें अवकाश नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2014 में सबसे पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों के लिए साप्ताहिक अवकाश की घोषणा की। इस पर अमल नहीं हो पाया।

इसके बाद कांग्रेस सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमल नाथ ने वर्ष 2019 में घोषणा की। अमल भी शुरू हुआ, लेकिन पुलिस बल की कमी के चलते एक वर्ष के पहले ही अवकाश देना बंद हो गया। बाद में भाजपा की सरकार आई तो तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अगस्त 2020 में फिर साप्ताहिक अवकाश की घोषणा की। कुछ जिलों में व्यवस्था प्रारंभ भी हुई पर धीरे-धीरे बंद हो गई। वर्ष 2021 में उस समय के गृह मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा ने कहा, पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा, पर अमल नहीं हुआ।


सीएम मोहन यादव भी कर चुके हैं एलान

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने भी एलान कर रखा है। एक साल हो चुके हैं, पर पालन नहीं हो रहा है। उप पुलिस अधीक्षक और ऊपर के अधिकारियों को अवकाश मिल रहा है, लेकिन आरक्षक से लेकर निरीक्षक संवर्ग तक मैदानी अधिकारियों को नहीं। जिलों में अवकाश की व्यवस्था का रोस्टर बनाने की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षकों दी गई थी। बल की कमी के चलते पुलिस अधीक्षकों ने अवकाश देना बंद कर दिया, जिससे एक बार कमल नाथ के समय और दूसरी बार शिवराज सिंह चौहान के समय अवकाश की व्यवस्था ठप हो गई।

दरअसल, प्रदेश में पुलिस आरक्षक से लेकर एएसपी तक के एक लाख 26 हजार पदों में से 25 हजार से अधिक रिक्त हैं। नए थाने बनने पर ही पुलिस बल स्वीकृत किया जा रहा है। जिस तरह से आबादी और अपराध बढ़ रहा है, उस मान से नए थाने नहीं खुल रहे हैं। ऐसे में एक तो आवश्यकता के अनुसार बल नहीं है। दूसरा, रिक्तियां होने के कारण अवकाश नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कोई जवाब नहीं दिया।

अन्य राज्यों की स्थिति कर्नाटक सरकार ने दो दिन पहले ही पुलिसकर्मियों को जन्म दिवस और शादी की सालगिरह पर अवकाश देने का निर्णय लिया है। हालांकि, अधिकतर राज्यों में स्थिति मप्र की तरह की है। हरियाणा में वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अवकाश की घोषणा की लेकिन पालन नहीं हुआ। तमिलनाडु में तो एक पुलिसकर्मी ने साप्ताहिक अवकाश के लिए हाई कोर्ट में याचिका लगाई है।