नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। महंगाई की मार झेल रहे गरीब परिवारों के लिए राशन की दुकान से मिलने वाली 20 रुपये किलो की शक्कर भी अब दूर हो गई है।
अंत्योदय परिवारों को अप्रैल से शक्कर का वितरण नहीं हुआ है। पांच महीने से बंद इस सुविधा का सीधा असर प्रदेश के 14 लाख अन्त्योदय परिवारों पर पड़ रहा है। इनमें भोपाल के करीब 29,944 परिवार हैं।
बाजार से खरीदने का मजबूर
पहले गेहूं-चावल के साथ एक किलो शकर रियायती दर पर मिल जाती थी, लेकिन अब यही शक्कर बाजार से खरीदने पर करीब 65 रुपये किलो तक पड़ रही है।
यानी परिवार को एक किलो पर करीब 50 रुपये अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। ऐसे में बहुत से परिवारों ने शक्कर लेना बंद कर दिया है।
केंद्र सरकार की सब्सिडी बंद
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 20 रुपये किलो की दर पर शैक्कर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार 18.50 रुपये प्रति किलो सब्सिडी देती थी। राज्य सरकार भी इसमें अंशदान करती थी।
अधिकारियों के मुताबिक 31 मार्च 2026 के बाद केंद्र की सब्सिडी बंद हो गई, जिसके बाद राज्य सरकार के लिए बिना सब्सिडी शक्कर उपलब्ध कराना महंगा पड़ रहा था।
दूसरी ओर राशन दुकानदारों का कहना है कि 31 मार्च के बाद उन्हें शक्कर का नया स्टॉक ही नहीं मिला है।
गरीब श्रेणी में 3.42 लाख परिवार
जिला खाद्य शाखा के अनुसार भोपाल में करीब 3.42 लाख परिवार गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी में आते हैं। इनमें 29,944 परिवार अंत्योदय श्रेणी के हैं। इन्हीं परिवारों को पहले 20 रुपये किलो में शक्कर मिलती थी।
पहले बीपीएल परिवारों को भी राशन कार्ड पर शकर मिलती थी, लेकिन यह सुविधा वर्ष 2020-21 से बंद है। अब अंत्योदय परिवारों की रियायती शक्कर भी बंद होने से गरीब परिवारों की रसोई का खर्च और बढ़ गया है।
इस तरह हुआ बदलाव
20 रुपये - पहले राशन दुकान पर एक किलो शक्कर की कीमत
65 रुपये तक - बाजार में एक किलो शक्कर का भाव
50 रुपये तक - प्रति किलो अतिरिक्त बोझ
29,944 - भोपाल के प्रभावित अंत्योदय परिवार
14 लाख - प्रदेश में प्रभावित परिवार
1 अप्रैल 2026 - वितरण बंद होने की शुरुआत
बीपीएल परिवारों को शकर पहले से नहीं मिल रही है। अब पांच महीने से अंत्योदय परिवारों की शक्कर भी बंद है। फिलहाल इस संबंध में कोई नया आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। - चंद्रभान सिंह जादौन, जिला आपूर्ति नियंत्रक