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काली कमाई के मामले में सौरभ शर्मा के अतिरिक्त 15 से अधिक लोग बनाए जाएंगे आरोपित

आयकर विभाग ने इसी वर्ष फरवरी में सोना और नकदी को बेनामी मानते हुए राजसात कर लिया। लोकायुक्त संगठन ने विवेचना के दौरान 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की है...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Fri, 07 Aug 2026 05:55:48 PM (IST)Updated Date: Fri, 07 Aug 2026 05:59:48 PM (IST)
काली कमाई के मामले में सौरभ शर्मा के अतिरिक्त 15 से अधिक लोग बनाए जाएंगे आरोपित
सौरभ शर्मा की काली कमाई।

HighLights

  1. जांच में 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पता चला
  2. अगले माह कोर्ट में आरोप पत्र प्रस्तुत करने की तैयारी
  3. मंगलवार को सौरभ को हाई कोर्ट से मिली है जमानत

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार से 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जुटाने के आरोपित परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के बहुचर्चित मामले में लोकायुक्त संगठन ने विवेचना का काम लगभग पूरा कर लिया है। सितंबर में कोर्ट में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जा सकता है।

फिलहाल अभियोजन स्वीकृति बाकी है। इसमें सौरभ के अतिरिक्त 15 से अधिक अन्य लोगों को आरोपित बनाने की तैयारी है।

इसमें उसकी पत्नी, मां, दोस्त शरद जायसवाल और चेतन गौर के अतिरिक्त अन्य रिश्तेदार और वे लोग हैं, जिन्होंने सौरभ की काली कमाई को ठिकाने लगाने में मदद की थी। हाई कोर्ट जबलपुर से सौरभ शर्मा को मंगलवार को जमानत मिल गई है। इस कारण भी लोकायुक्त संगठन जल्द से जल्द आरोप पत्र प्रस्तुत करेगा।


बता दें, 19 दिसंबर, 2024 को लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा के घर और कार्यालय में छापा मारा था। इसके अगले दिन आयकर की टीम को भोपाल के मेंडोरी गांव में एक लावारिस कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ 60 लाख रुपये नकद मिले थे। कार सौरभ के कारोबार में सहयोगी चेतन गौर के नाम पंजीकृत निकली।

आयकर विभाग ने इसी वर्ष फरवरी में सोना और नकदी को बेनामी मानते हुए राजसात कर लिया। लोकायुक्त संगठन ने विवेचना के दौरान 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। इसमें अधिकतर वे लोग हैं, जिनके नाम के अचल संपत्ति के दस्तावेज छापे के दौरान मिले थे।

सूत्रों के अनुसार अभी तक के आकलन में कार में मिला 52 किलो सोना (करीब 38 करोड़ कीमत), 11 करोड़ रुपये नकदी, छापे के दौरान सौरभ के भोपाल में अरेरा स्थित घर और कार्यालय में मिले दो करोड़ 85 लाख रुपये नकद, 234 किलो की चांदी की सिल्लियां, जमीन, राजगढ़ में मछली पालन से जुड़ी आय शामिल की गई है।

सौरभ ने अपने कुछ रिश्तेदारों और दोस्तों के नाम से भी संपत्ति में निवेश किया था। छापे के दौरान कुल आठ करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला था। शुरुआत में चेतन गौर और शरद जायसवाल को आरोपित बनाया गया था।

पांच एजेंसियों ने की जांच लोकायुक्त संगठन के छापे के बाद दो दिन बाद ही आयकर विभाग ने सोना और नकदी जब्त की थी। इसके बाद राजस्व खुफिया निदेशालय ने जांच की थी कि सोना कहां से खरीदा गया।

ईडी ने भी लोकायुक्त पुलिस की एफआइआर के आधार पर प्रकरण दर्ज कर सौरभ शर्मा से जुड़े स्थानों पर छापा मारा था। इधर, मध्य प्रदेश पुलिस भी सौरभ शर्मा की अनुकंपा नियुक्ति के दस्तावेज की जांच कर रही है।

सौरभ शर्मा के मामले में पूछताछ सहित विवेचना का काम लगभग पूरा हो गया है। हम शीघ्र ही चालान प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे हैं।

योगेश देशमुख, डीजी, विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त